जीवनी
सुधीर मिश्रा एक भारतीय फिल्म पटकथा लेख और निर्देशक हैं।'जाने भी दो यारो' से लेकर इस 'रात की सुबह नहीं' और 'धारावी' से लेकर 'हज़ारों ख्वाइशें ऐसी' , 'चमेली' , 'खोया खोया चांद जैसी फिल्मो के लिए जाना जाता है। 

पृष्ठभूमि 
सुधीर मिश्रा का जन्म लखनऊ उत्तर प्रदेश में हुआ था।  वह मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद के पौते हैं।  उनके पिता का नाम देवेन्द्र मिश्रा है, जो लखनऊ फिल्म सोसाइटी के अध्य्क्ष हैं।  

पढ़ाई 
सुधीर मिश्रा ने  पढ़ाई लखनऊ से ही सम्पन्न की है।  उसके बाद स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से पूरी की।  कॉलेज के दिनों के दौरान ही उंनकी मुलाकात बादल सरकार से हुई, और उन्होंने अपना एक थिएटर ग्रूप बना लिया। उसके बाद वह दोनों दिल्ली छोड़ पुणे चले गए।  पुणे के फिल्म टेलीविजन इंस्टीयूट ऑफ़ इंडिया में उनके छोटे भाई सुधांशु मिश्रा छात्र थे।  उन्होंने फिल्म की बारीकियां खुद अपने भाई से सीखी लेकिन कभी खुद वहाँ दाखिला नहीं लिया।  

करियर 
वह सन 1980 में पुणे से मुंबई आ गए, और यहाँ आकर वह बटुर सहायक निर्देशक बड़े-बड़े निर्देशकों के साथ काम करने लगे।  उन्होंने सईद अख्तर मिर्जा, विधु विनोद चोपड़ा जैसे लोगो के साथ रहकर अभिनय और निर्देशन की बारीकियां सीखी।  

उन्होंने बटुर निर्देशक फिल्म जाने भी दो यारो निर्देशित की।  जिसे दर्शकों के साथ आलोचकों ने बेहद सराहा।  साथ ही उन्हें उशे इस फिल्म राष्ट्रिय पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया।  इसके बाद उन्होंने धारावी' से लेकर 'हज़ारों ख्वाइशें ऐसी' , 'चमेली' , 'खोया खोया चांद जैसी फ़िल्में निर्देशित की।  

जल्द ही वह दर्शको के सामने फिल्म और देवदास लेकर आ रहे है।  जो राजनिति को अलग ढंग से पेश करती हुई नजर आएगी। 
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