IAS Success Story: कौन हैं प्रियंका शुक्ला? तानों की वजह से बनीं आईएएस ऑफिसर, डॉक्टरी छोड़कर रचा इतिहास
IAS Success Story: कौन कहता है आसमां में छेद नहीं हो सकता, एक पत्थर तो जरा तबीयत से उछालो यारों.. ये कहावत कई जगहों पर बिल्कुल फिट बैठती है। मतलब ये है कि अगर आप कुछ करना चाहें तो आप कर लेगें लेकिन शर्त सिर्फ इतनी है मेहनत दिल से करना पड़ेगी।

ऐसी ही कहानी है प्रियंका शुक्ला (IAS Priyanka Shukla) की जिन्होंने यूपीएससी पास करके कमाल कर दिया। नेहा शुक्ला को समाज के ताने मिलते थे और काफी कटाक्ष किए जाते थे। उनको इतने ताने मिले की यही ताने ही उनको आगे बढ़ने की प्रेरणा देने लगे।
एक बार एक महिला ने प्रियंका शुक्ला से कहा था कि, 'कहीं की कलेक्टर हो क्या' ये ताना उनके दिल में घर कर गया और उनकी पूरी लाइफ बदल गई। इस दौरान वो डॉक्टरी कर रहीं थीं लेकिन उन्होंने ये छोड़ी और यूपीएससी की तैयारी करने लगीं। प्रियंका 2009 में उन्होंने UPSC परीक्षा में 73वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनी थीं।
कौन हैं प्रियंका शुक्ला?
पढ़ाई में बचपन से ही तेजी यूपी के रहने वाली प्रियंका शुक्ला सपना शुरु से ही डॉक्टर बनने का था। मेडिकल परीक्षा पास करने के बाद नेहा ने लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और पढ़ाई शुरु कर दी। वो साल 2006 में डॉक्टर बन गईं थीं। जी हां, नेहा ने 2006 में एमबीबीएस पूरा किया था।
स्लम एरिया में बदली जिंदगी
डॉक्टरी के दौरान एक बार प्रियंका शुक्ला स्लम एरिया में गईं थीं। उन्होंने वहां देखा कि एक महिला गंदा पानी पी रही है और वही अपने बच्चे को दे रही थी। प्रियंका ने बतौर डॉक्टर जब उसको समझाने की कोशिश की तो महिला ने कहा, 'कहीं कि कलेक्टर हो क्या।' इसी के बाद नेहा ने प्रण लिया कि वो प्रशासनिक सेवा में जाएंगी और इसका जवाब देंगी। इसके बाद वो इस क्षेत्र में तैयारी करने लगीं और साल 2009 में 73वीं रैंक लाकर आईएएस अधिकारी बन गईं।


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