Shilpa Shinde ने लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा-'मरे हुए इंसान का डायलिसिस कर रहे थे, किडनी निकालना चाहते थे'

Shilpa Shinde On Manoj Santoshi Demise: कुछ दिनों पहले मशहूर टीवी शो 'भाबीजी घर पर हैं' के लेखक मनोज संतोषी सुर्खियों में आए थे, क्योंकि वे लीवर कैंसर से पीड़ित थे और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। शो में पहले लीड रोल निभाने वाली शिल्पा शिंदे उनके इलाज का खर्च उठा रही थीं।
शिल्पा शिंदे ने बताया मौत का कारण
सोमवार को दुखद खबर मिली कि मनोज का निधन हो गया है और अब शिल्पा ने आरोप लगाया है कि लेखक की मौत मेडिकल नेग्लीगेंस के कारण हुई है। टाइम्स नाउ से बात करते हुए एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि वह अपने काम के लिए सिकंदराबाद से दो दिनों के लिए मुंबई आई थीं और मनोज के साथ कोई नहीं होने के कारण इलाज में लापरवाही हुई। उन्होंने इसे 'घटिया धंधा' भी कहा।
'डॉक्टर नहीं नाई बैठे हैं वहां'
शिल्पा ने कहा, "मैं तो छोटे शब्दों में कहूंगी कि बहुत घटिया बिजनेस है। पैसे कमाने का बहुत अच्छा बिजनेस है हॉस्पिटल। मारे गए इंसान का भी डायलिसिस करा रहे हैं! ये पूरी डॉक्टर की लापरवाही है। KIMS, सिकंदराबाद हॉस्पिटल है, जहां पर लिवर ट्रांसप्लांट होता है। पता नहीं, वहां डॉक्टर्स बैठे हुए हैं या हज्जाम हैं।
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'एक रात पहले तक ठीक थे मनोज'
शिल्पा ने आगे बताया कि मुंबई आने के बाद उन्हें फोन आया कि मनोज के लिए ऑर्गन का अरेंजमेंट हो गया है। शिल्पा ने बताया कि वह इतनी खुश थीं कि उस रात उन्हें नींद ही नहीं आई और क्योंकि एक्ट्रेस पेमेंट संभाल रही थीं, इसलिए उन्हें लगा कि उन्हें पैसे जमा करवाने होंगे। हालांकि, सुबह 6 बजे उन्हें फोन आया कि मनोज कोमा में चले गए हैं।
शिल्पा ने बताया क्या हुआ
शिल्पा शिंदे ने आगे बताया, "सर्जरी के लिए एंटी स्टमक और एनेस्थीसिया के लिए जो होता है ना, रात को ही सब कुछ बंद कर दिया। जो लिवर के लिए दिया जाता है, वो भी सारा लीक हो गया। सिस्टर ने बोला सॉरी तो मैंने कहा 'व्हाट सॉरी'!"
'किडनी की चोरी करना चाहते थे हॉस्पिटल वाले'
शिल्पा वहां पहुंची और जब वह पहुंची तो एक्ट्रेस को बताया गया कि लीवर की वजह से किडनी खराब हो गई है। एक्ट्रेस ने कहा- "मैंने पूछा कि क्या हॉस्पिटल वालों को उसकी किडनी चाहिए, क्योंकि मुझे लगा कि उनका कोई परिवार नहीं है। वे मुझे दिखाने के लिए उसका डायलिसिस कर रहे थे, लेकिन मैं साफ देख सकती थी कि वो अब नहीं रहे। यह लापरवाही और चोरी का मामला है और मैं इसका जीता जागता सबूत हूं! और यह हॉस्पिटल वालों की बदकिस्मती है कि मैं वहां थी। मैं इसलिए बोल रही हूं क्योंकि ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है।"


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