For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    'रात अकेली है' फिल्म रिव्यू: बेहतरीन कलाकारों से बुनी ये मर्डर- मिस्ट्री अंत तक बांधे रखेगी

    |

    Rating:
    3.0/5

    निर्देशक- हनी त्रेहान

    कलाकार- नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राधिका आप्टे, श्वेता त्रिपाठी, तिग्मांशु धूलिया, शिवानी रघुवंशी, आदित्य श्रीवास्तव, इला अरूण, निशांत दहिया

    प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स

    जबसे नेटफ्लिक्स ने 'रात अकेली है' की घोषणा की थी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे को स्क्रीन पर एक बार फिर साथ देखने के लिए दर्शक उत्साहित थे। फिल्म अब स्ट्रीमिंग के उपल्बध है। 'रात अकेली है' कई किरदारों के इर्द गिर्द बुनी गई एक मर्डर मिस्ट्री है। लेकिन हत्या और हत्यारे के अलावा फिल्म कई अन्य पहलू भी सामने लाती है, जैसे एक विकृत पितृसत्तात्मक समाज का चेहरा। इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) राधा (राधिका आप्टे) सचेत करता है- 'बाहर की दुनिया बहुत खराब है'.. लेकिन घरों के अंदर की छिछली मानसिकता भी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, यह दिखाया है हनी त्रेहान ने।

    raat akeli hai

    फिल्म अपने पहले दृश्य से ही सवाल खड़े करना शुरु कर देता है, जहां हाईवे पर एक महिला और उसके ड्राइवर की हत्या कर दी जाती है। कहानी कुछ साल आगे बढ़ती है और एक अधेड़ उम्र के ठाकुर की हत्या उसकी शादी के दिन ही हो जाती है, कुछ रहस्यमय परिस्थितियों के बीच पुलिस असफर अपनी जांच शुरु करते हैं। लेकिन मामले की तह तक पहुंचने का सफर दिलचस्प है। निर्देशक ने कहानी को बांधे रखने के लिए दमदार स्टारकास्ट भी जुटा रखे हैं।

    फिल्म की कहानी

    फिल्म की कहानी

    उत्तरप्रदेश के सीनियर इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) के हाथों में एक हाई प्रोफाइल केस आता है। हवेली के ठाकुर की दूसरी शादी हो रही होती है, जब अचानक ही उनकी हत्या हो जाती है। पूरा परिवार घर में ही मौजूद रहता है, लेकिन किसी को हत्या की कोई भनक नहीं। या शायद सभी कुछ ना कुछ छिपा रहे हैं? किसने हत्या की और क्यों, यह मामला बेहद पेचीदा है। ठाकुर के घर में एक बेटा, एक बेटी, उसके छोटे भाई की विधवा, उसके एक बेटे- बेटी, पहली पत्नी का भाई, एक नौकरानी और नई नवेली दुल्हन राधा (राधिका) है। पितृसत्तात्मक मानसिकता से भरे इस परिवार में हर किसी पर एक दफा शक की सुई जाती है। लेकिन सबकी नजर टिकी होती है, राधा पर। सब उसे आरोपी मानते हैं। लेकिन इंस्पेक्टर को उस पर भरोसा है और कुछ जुड़ाव भी। कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती है, एक के बाद एक नई परतें खुलती हैं और हर नई कड़ी पिछली कड़ी से जुड़ती जाती है। क्या राधा पर भरोसा करना इंस्पेक्टर जटिल यादव की सबसे बड़ी भूल साबित होगी? क्या झूठ के जाल को काटकर वह इस केस की सच्चाई तक पहुंच पाएगा?

    अभिनय

    अभिनय

    फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसके कलाकार हैं। इंस्पेक्टर जटिल यादव के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बेहतरीन लगे हैं। उन्होंने किरदार के गुस्से, संवेदना, सनकपन और गंभीरता को त्रुटिहीन तरीके से पेश किया है। वहीं, नवाज के सामने मजबूत टिकी हैं राधिका आप्टे। दोनों के बीच के दृश्य और संवाद फिल्म को मजबूती देते हैं। नवाज के मां के किरदार में इला अरूण जबरदस्त लगी हैं। बेटे के साथ उनका रिश्ता एक हल्कापन लाता है। पूरी फिल्म एक डार्क टोन में बढ़ती है, लेकिन किरदारों की वजह से बोझिल नहीं करती। तिग्मांशु धूलिया, श्वेता त्रिपाठी, शिवानी रघुवंशी, आदित्य श्रीवास्तव, निशांत दहिया ने अपने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।

    निर्देशन

    निर्देशन

    मुकेश छाबरा के बाद, कास्टिंग डाइरेक्टर हनी त्रेहान ने भी बतौर निर्देशक नई शुरुआत की है। बॉलीवुड में कई मर्डर- मिस्ट्री- थ्रिलर आ चुके हैं, लेकिन 'रात अकेली है' में कुछ बातें हैं, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। फिल्म अपने विषय को लेकर बेहद स्पष्ट दिखती है। लिहाजा, फिल्म देखने के दौरान डर, उत्सुकता, दवाब, धोखा, विकृत मानसिकता.. सभी भाव सामने आते हैं। फिल्म पर निर्देशक का नियंत्रण दिखता है।

    तकनीकि पक्ष

    तकनीकि पक्ष

    फिल्म की पटकथा स्मिता सिंह ने लिखी है, जिन्होंने सेक्रेड गेम्स लिखा था। इस पक्ष में फिल्म थोड़ी ढ़ीली दिखी है। धीमी गति से चलती यह फिल्म का क्लाईमैक्स जल्दबाजी में निपटाया सा लगता है। वहीं, कहानी में प्रेम कहानी का ट्रैक बेफिजूल लगता है। श्रीकर प्रसाद की एडिटिंग भी थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। फिल्म की लंबाई अंत तक पहुंचते पहुंचते तंग करती है। ढ़ाई घंटों तक फिल्म का रोमांच बनाए रखना, मुश्किल प्रतीत होता है। थोड़ी और कसी हुई पटकथा और कसे हुए किरदार.. फिल्म को काफी बेहतर बना सकते थे।

    क्या अच्छा, क्या बुरा

    क्या अच्छा, क्या बुरा

    फिल्म घूमकेतु के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी को इस रंग- ढ़ंग में देखना तसल्ली देता है। फिल्म के संवाद, सिनेमेटोग्राफी, ड्रामा इसके मजबूत पक्ष हैं। वहीं, फिल्म का एकमात्र नकारात्मक पहलू इसकी लंबाई है, जिसे अच्छी खासी एडिटिंग की जरूरत थी।

     देंखे या ना देंखे

    देंखे या ना देंखे

    'रात अकेली है' आपको ढ़ाई घंटों तक बांधे रखती है, इंटरटेन करती है। लेकिन लंबे समय तक प्रभाव नहीं छोड़ती है। यदि आप बॉलीवुड संस्पेंस- ड्रामा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। फिल्मीबीट की ओर से 'रात अकेली है' को 3 स्टार।

    'शकुंतला देवी' फिल्म रिव्यू- गणित की जीनियस बनीं विद्या बालन दिल जीत लेंगी

    English summary
    Nawazuddin Siddiqui, Radhika Apte and a brilliant set of cast in Raat Akeli Hai makes it a nail biting murder mystery.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
    X