'तुम तो ठहरे परदेसी' गाने के गीतकार का निधन, कौन थे जहीर आलम?
Tum Thehre Paredesi Writer: अल्ताफ राजा के गानों की दीवानगी का अलम 90 के दशक में कैसा था ये बात किसी से छिपी नहीं है। ये वो दौर था जब अल्ताफ राजा सुपरहिट की गारंटी माने जाते थे।

उनका गाना 'तुम तो ठहरे परदेसी' ने रिलीज होकर ऐसा बवाल काटा था कि आज भी उसकी गूंज सुनाई पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस जबरदस्त गाने को लेकर लेखक का निधन हो गया है।
सारा क्रेडिट अल्ताफ राजा ले गए लेकिन जो शब्दों के जादूगर थे उनका नाम आज उनके साथ चला गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं जहीर आलम की जिनका नाम हो गया है। जहीर 90 साल के थे और काफी समय से बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होने कई गाने लिखे लेकिन इस गाने की बात ही कुछ और है।
नागपुर में मातम का माहौल
संगीतकार जहीर आलम नागपुर के रहने वाले थे और उनकी निधन की खबर से लोग सदमें में हैं। उनका घर नागरपुर के मोमिनपुरा इलाके में है। बेहद कम संसाधनों के साथ अपनी जिंदगी बिताने वाले संगीतकार को देश आज अंतिम विदाई दे रहा है।
ज्यादातर अपनी जिंदगी में संघर्ष करने वाले जहीर आलम को किसी तरह का कोई शिकवा नहीं रहा और उन्होने उसी खुशी के साथ जीवन बिताया। जहीर आलम ने काफी पहले बताया था कि उस वक्त इस गाने के लिए उनको महज 3 हजार रुपए मिले थे। अल्ताफ राजा सुपर सिंगर थे और वो जो भी गाने गाते थे वो काफी सुने जाते थे। हालांकि अब उनके निधन के बाद एक दौर का अंत हुआ है। उनके गाने के जरिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।


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