राजकिरण से पहले और भी कई सितारे हो चुके हैं डिप्रेशन के शिकार
कोई ये कैसे बताये कि वो तन्हा क्यों हैं....
राजकिरण से पहले और भी बॉलीवुड के कई सितारे डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं। कुछ तो ऐसे भी रहे जिनकी डिप्रेशन के चलते जान भी चली गयी। सबसे पहले बात करते है फिल्म जगत की बेहद ही खूबसूरत अदाकारा मधुबाला की, जिनकी कातिल मुस्कान के लोग आज भी दीवाने हैं। पर्दे पर मुस्कुराती-इठलाती मधुबाला अपनी वास्तविक जीवन में काफी निराश बतायी जाती है।
उनकी जीविका पर पलने वाले उनके परिवार ने ही उनसे, उनकी मुहब्बत छीन ली थी। दिलीप कुमार के प्रेम में गिरफ्तार मधुबाला उनकी बेगम ना बन पाने की वजह से बेहत तन्हा हो गयी थी। अकेलेपन की वजह से वो दिल की मरीज बन गयी जिसको ठीक करने की भरपूर कोशिश महान कलाकार और महान फनकार किशोर कुमार ने की लेकिन अफसोस वो उनके चोट खाये दिल पर मरहम नहीं लगा पाये और तन्हा मधुबाला ने बहुत ही कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।
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मधुबाला के बाद ट्रेजिडी क्वीन मीना कुमारी का नाम लेते हैं। जिनका जीवन भी बेहद दुख भरा रहा। पर्दे पर तो वो बेहतरीन अदाकारा थी लेकिन वास्तविक जीवन में वो एक अधूरी औरत कही जाती थी। जानकारों का कहना हैं कि वो, अपने पूरे जीवन में केवल खुद को साबित करने में जुटी रहीं लेकिन बेरहम जमाने ने उन्हें कभी उनकी कोशिशों का सिला नहीं दिया।
मजबूरन तन्हा और परेशान होकर उन्होंने शराब से दोस्ती कर बैठीं। जो उन्हें मौत के चौखट तक ले गया। उनके पति कमाल अमरोही से उन्हें बेहतरीन अभिनेत्री का तो तमगा मिला लेकिन वो कभी भी उनके मुंह से मुहब्बत के चंद शब्द नहीं सुन पायी। जिंदा रहते हुए तो मीना कुमारी ने अपने पति को बहुत कुछ दिया लेकिन अपनी मौत के बाद भी वो अपने पति को 'पाकिजा' के रूप में बेहतरीन सौगात दे गयीं।
ऐसा नहीं है कि केवल अभिनेत्रियां ही डिप्रेशन की शिकार हुई। सिने जगत के हीरो भी इस रोग से ग्रसित रहे हैं। जिसमें सबसे पहला नाम आता है महान कलाकार गुरूदत्त का। जिन्होंने आत्महत्या की थी। लोगों का कहना है कि गुरूदत्त अपनी नाकामियों से इस कदर घबरा गये थे कि उन्होंने मौत को ही गले लगा लिया।
प्यासा, साहब बीवी और गुलाम, चौदहवीं का चांद जैसी सिने जगत की बेहतरीन फिल्मों के कलाकार अपनी निजी जिंदगी में रिश्तों के बिखराव से परेशान थे। ऐसा कहा जाता है कि गुरूदत्त की पत्नी और मशहूर गायिका गीता दत्त को उनके और अभिनेत्री वहीदा रहमान के रिश्ते पर एतराज था। इसलिए उनका दांपत्य जीवन काफी खराब रहा। बाद में वहीदा को भी वो प्रेमिका के रूप में अपना नहीं पाये। कागज के फूल जैसी फ्लाप फिल्म देने के बाद वो बुरी तरह से टूट गये थे, जिसके चलते वो मौत से दोस्ती कर बैठे।
ये तो वो कलाकार है जिनकी कहानी लोगों को पता है। कुछ तो ऐसे भी रहे जो कि गुमनामी के अंधेरे में ही खो गये। कुछ साल पहले मशहूर अभिनेत्री परवीन बॉबी का भी शव उनके फ्लैट से बरामद किया गया था। उनके बारे में भी लोग कहते हैं कि वो अकेलेपन की शिकार होकर डिप्रेशन में चली गयी थीं और ड्रग्स का सेवन करने लगी थीं। कुछ ऐसा ही पिछले साल मशहूर मॉडल विवेका बाबा जी के भी साथ हुआ जिनका शव उनके घर से बरामद किया गया था। वो भी अकेलेपन की शिकार थीं।
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