आज गानों से तमीज खो गयी है: जावेद अख्तर
बॉलीवुड के सम्मानिय गीतकार जावेद अख्तर आज के परिवेश में लिखे जा रहे गानों से काफी निराश औऱ दुखी है उनके अंदर आज के गानों के लिए काफी गुस्सा भरा हुआ है जो जयपुर सम्मेलन में अचानक से फूट पड़ा।
जयपुर साहित्य सम्मेलन में कलम के महारथि जावेद अख्तर ने कहा कि आज लोगों के पास शब्दकोष ही नहीं है इसलिए वो कुछ भी ऊल-जूलूल लिख देते हैं, आज के गानों में ना तो शर्म है ना ही हया और ना ही तमीज। जावेद साहब ने कहा कि लेकिन इसके लिए जिम्मेदार आज की युवा पीढ़ी नहीं है बल्कि हमारी पीढी हैं जो कि युवाओं का मार्गदर्शन नहीं करती है।
अपनी मीठी भाषा में जावेद ने कहा कि आज के गीत ' ख्यालों में किसी के आया नहीं करते, किसी को ख्वाबों में आके यूं तड़पाया नहीं करते' आज तो लोग कहते हैं 'बेबी आजा, बेबी चली चली जा" आज लोग ना तो किसी का कलाम पढ़ते हैं और ना ही किसी की कद्र करते हैं जिसके कारण कविता और गानों का स्तर गिरता जा रहा है।


Click it and Unblock the Notifications
