'पुलिसगिरी' के चलते संजय से बहुत कुछ सीखा मैंने: रविकुमार
तमिल निर्देशक के.एस. रविकुमार 'पुलिसगिरी' से हिंदी फिल्मों के निर्देशन की शुरुआत करने जा रहे हैं। वह मानते हैं कि संजय दत्त का व्यवहार बहुत दोस्ताना है और वह इस फिल्मोद्योग के प्रतिबद्ध अभिनेताओं में से एक हैं। इन दिनों पुणे की यरवडा केंद्रीय जेल में बंद संजय ने 'पुलिसगिरी' में एक पुलिसकर्मी की मुख्य भूमिका निभाई है। यह फिल्म तमिल फिल्म 'सामी' का हिंदी संस्करण है।
रविकुमार ने आईएएनएस से कहा, "संजय को जेल की सजा होने के बाद उनकी फिल्म के लिए प्रतिबद्धता पर मुश्किल से ही कोई असर पड़ा। उन्होंने अपनी निजी परेशानियों का असर फिल्म पर नहीं पड़ने दिया और सहयोग के साथ काम किया।"
उन्होंने कहा, "हम निर्माण के बाद की प्रक्रिया में उनकी कमी महसूस कर रहे हैं। मुझे अब भी याद है कि सेट्स पर उनका रवैया कितना मित्रवत था। इससे मुझे सिर्फ एक निर्देशक ही नहीं बल्कि एक दोस्त के रूप में उनसे जुड़ने में मदद मिली।"
आपको बता दें कि इससे पहले निर्देशक के एस रविकुमार अपने हर प्रमोशनल इवेंट में बार-बार कह रहे हैं कि संजू बाबा जो कि फिल्म के हीरो हैं, की जेल जाने से पहले आखिरी ख्वाहिश थी कि उनकी यह फिल्म सौ करोड़ के क्लब मे शामिल हो जाये। इसके लिए वह खासी मेहनत भी कर रहे थे।
गौरतलब है कि फिल्म के प्रमोशन में इस समय केवल फिल्म की टीम ही नहीं कर रही है बल्कि संजू बाबा के ना होने की वजह से उनकी बहन प्रिया दत्त ने फिल्म प्रमोशन का हिस्सा बनना पसंद किया है।'पुलिसगिरी' में प्राची देसाई, प्रकाश राज, ओम पुरी, राजपाल यादव, मनोज जोशी व मुकेश तिवारी ने भी अभिनय किया है। फिल्म पांच जुलाई को प्रदर्शित होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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