राजेश खन्ना जैसा बनना चाहते हैं पंकज कपूर
पंकज कपूर ने कहा मैं फिल्मों में अभिनेता बनना चाहता था। मेरे एकमात्र आदर्श राजेश खन्ना थे। लुधियाना में मैं उन्हीं की फिल्में देखते हुए बड़ा हुआ। अभिनय और कला को लेकर मेरे दृष्टिकोंण में तब बदलाव आया जब मेरा दाखिला नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में हुआ और मैं इब्राहिम अल्काजी से मिला। भगवान की कृपा से एनएसडी में मुझे चुना गया। अलकाजी ने थियेटर की दुनिया से मेरी मुलाकात कराई वर्ल्ड सिनेमा और पेंटिंग के बारे में बताया। कलात्मकता के परिप्रेक्ष्य में उन सभी बातों से हमारा परिचय हुआ तो हमारे लिए एक उपलब्धि थी।
पंकज कपूर ने ये भी बताया कि जब उनके पिता ने उन्हें मुंबई मे घर खरीदने को कहा तो उन्होंने ये कहकर मना कर दिया कि वो फिल्मों में नहीं जाना चाहते। उन्हें थियेटर से ही लगाव था और वो अपनी सारी जिंदगी थियेटर करते हुए ही बिताना चाहते थे। पंकज कपूर ने कहा कि फिल्मों और टीवी सीरियल्स में अच्छे लेखकों और अच्छी कहानियों की कमी उन्हें बहुत खलती है। फिल्मों में कुछ भी नया नहीं देखने को मिलता। एक ही कहानी को घूमा फिरा कर दर्शकों के सामने पेश किया जाता है और दर्शक भी इसे देख देखकर बोर हो जाता है। इसलिए पंकज कपूर सिर्फ अच्छी और मजबूत कहानी वाली फिल्मों में ही काम करते हैं। मटरु की बिजली में उनकी एक्टिंग सभी को काफी पसंद आई और फिल्म के मुख्य कलाकारों इमरान खान और अनुष्का शर्मा की जगह पकंज कपरू को ही फिल्म का हीरो बना दिया गया।


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