Exclusive: सही किया माला सिन्हा ने जो अवार्ड नहीं लिया

सही कहते हैं लोग कि कलाकार की असली अवार्ड तो दर्शकों का प्यार होता है जो उन्हें ताउम्र मिलता रहता है। अभिनेत्री माला सिन्हा ने गुस्से में आकर प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के अकादमी पुरस्कार लेने से मना कर दिया जिसपर दर्शकों की प्रतिक्रिया आयी है कि माला सिन्हा ने जो किया वो सही किया है। अपने अभिनय के बल पर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली अभिनेत्री माला सिन्हा को किसी अवार्ड के प्रमाण की जरूरत नहीं हैं।

वनइंडिया के एक पाठकगण उमेश बी देव ने कमेंट बॉक्स में लिखा है कि Mala sinha is right to take this stand. There was a period when she commanded hearts of Indians.

अंदाजा लग गया होगा कि माला सिन्हा को लोग किस हद तक प्यार करते हैं और उनके मुरीद आज भी हैं।

मालूम हो कि माला सिन्हा दादा साहेब फाल्के अकादमी पुरस्कार देने वाली समिति से काफी नाराज हैं क्योंकि निमंत्रण पत्र पर माला सिन्हा का नाम नहीं था और ना ही उन्हें ठीक सेआमंत्रित किया गया था।

गुस्सायीं माला सिन्हा ने कहा कि अगर मेरा अपमान करना ही था तो आयोजन समिति वाले मुझे थप्पड़ मार लेते इस तरह से बेइज्जती तो ना करते। मैंने किसी से अवार्ड के लिए भीख तो मांगी नहीं थी।

माला सि्न्हा ने कहा कि समिति के चेयरमैन खुद घर आए थे और कहा था कि बतौर वयोवृद्ध कलाकार वह यह सम्मान ग्रहण करें। आपको बता दें कि माला सिन्हा को यह अवार्ड 30 अप्रैल को दिया जाना था।

गौरतलब है कि माला सिन्हा ने हरियाली और रास्ता, प्यासा, गुमराह, धूल के फूल, मेरे हुजूर, हिमालय की गोद में, आंखे, मर्यादा, दो कलियां जैसी क्लासिक फिल्में दी है जो कि आज भी लोग टीवी पर देखना पसंद करते हैं।

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