'गुलाब गैंग' में जुबान औऱ लात नहीं बल्कि नजरों का भी इस्तेमाल
माधुरी ने कहा, "फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जिनमें हमने एक दूसरे से आंखों से ही बात की है और फिल्म में बहुत से तीखी आवाज और आदान-प्रदान के दृश्य बिजली की तरह हैं।"
माधुरी ने कहा, "पहली बार मैंने मजबूत और असली एक्शन किया है। मैंने सब कुछ अपने आप किया है, यहां और कोई स्टंट करने वाला नहीं हैं। मैंने आनंद लिया और उम्मीद है कि दर्शक भी आनंद लेंगे।"
गौरतलब है कि माधुरी को 'प्रहार' और 'मृत्युदंड' जैसी गैरपरंपरागत फिल्मों के लिए जाना जाता है। 1999 में अमेरिका में चिकित्सक श्रीराम नेने से शादी के बाद माधुरी डेनवर में रहने लगीं। उनकी आखिरी बड़ी सफल फिल्म 'देवदास' थी।
2007 में 'आ जा नचले' के साथ उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर अपनी वापसी की। वह नृत्य रियलिटी शो 'झलक दिखला जा' के चौथे और पांचवें सत्र की निर्णायक रहीं। फिर उन्हें 'डेढ़ इश्किया' और 'गुलाब गैंग' फिल्में मिल गईं। 'गुलाब गैंग' में उनके साथ जूही चावला भी हैं, फिल्म 7 मार्च को रिलीज हो रही है।
'गुलाब गैंग' करने की एकमात्र वजह सिर्फ और सिर्फ माधुरी: जूही चावला


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