मन्ना डे के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, अंतिम संस्कार शाम को
मालूम हो कि मन्ना डे का बुधवार देर रात करीब साढ़े तीन बजे बेंगलूर में निधन हो गया। वह 94 साल के थे, वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था, उन्हें सांस लेने में दिक्कत में हो रही थी, 19 सिंतबर को भी उनकी हालत खराब हुई थी तो उन्हें बैंगलोर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मन्ना डे अपने पीछे दो बेटियों को छोड़ गये हैं। मन्ना डे की बड़ी बेटी रमा तो उनके अंतिम वक्त में उनके साथ थीं लेकिन उनकी दूसरी बेटी सुमिता अमेरिका में रहती हैं। जिनका शाम तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल है। मालूम हो कि इस साल ही 94 साल पूरे करने वाले मन्ना डे की पत्नी पत्नी सुलोचना कुमारन की मौत जनवरी 2012 में कैंसर से हुई थी।
गौरतलब है कि मन्ना डे का वास्तविक नाम प्रबोध चंद डे था। हिंदी और बंगाली समेत कई भाषाओं में 3500 से भी ज्यादा गाना गाने वाले गायक मन्ना डे को 2007 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। बॉलीवुड और बंगाली सिनेमा के गणमान्य लोगों ने मन्ना डे के निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया है।


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