दिलीप कुमार का पेशावर वाला घर राष्ट्रीय विरासत घोषित
पाकिस्तानी अखबार द नेशन के मुताबिक, प्रधानमंत्री की मंजूरी सूचना मंत्रालय को भेजी गई जिसे वहां से पाकिस्तानराष्ट्रीय कला परिषद के महानिदेशक को अग्रसारित किया गया है ताकि आदेश को अमल में लाया जा सके। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि इस परियोजना से भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच संबंध सुधारने में मदद मिलेगी।
अब पाकिस्तान सरकार दिलीप कुमार के घर को संग्रहालय में तब्दील कर देगी। जिसे देखने के लिए पाकिस्तान सरकार दिलीप कुमार और उनके परिवार वालों को पाकिस्तान आने का न्यौता देगी।
आपको बता दें कि भारत के ट्रेजिडी किंग दिलीप कुमार का असली नाम यूसुफ खान है। उनके पिता लाला गुलाम सरवर 1930 में पेशावर से मुंबई रहने चले आए थे।
दिलीप कुमार (91) छह दशकों तक सिनेमा में सक्रिय रहे और इस दौरान उन्होंने कई फिल्मों में अपने अभिनय कौशल का प्रदर्शन किया। उनकी सर्वाधिक चर्चित रही फिल्मों में 'ज्वार भाटा', 'मेला', 'नया दौर', 'तराना', 'देवदास', 'गंगा जमुना', 'लीडर', 'मुगल-ए-आजम', 'शक्ति', 'कर्मा' और 'सौदागर' आदि शामिल हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'किला' 1998 में रिलीज हुई थी।
दिलीप कुमार को साल 1994 में दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। साल 1998 में दिलीप कुमार को पाकिस्तान की ओर से देश के सबसे बड़े अवार्ड निशान-ए-इम्तियाज से भी सम्मानित किया गया था।


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