माधुरी-जूही को झटका: 'गुलाब गैंग' के प्रदर्शन पर रोक
दिल्ली हाई कोर्ट ने यह रोक उत्तर प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता संपत पाल की याचिका पर लगायी है जिसमें सपंत राय ने कहा था कि यह फिल्म 'गुलाब गैंग' उनकी जीवनी है और फिल्म निर्माताओं ने फिल्म बनाने से पहले उनकी अनुमति नहीं ली ।
id You Know:'गुलाबी गैंग' ने हजारों घरों के शराबी पतियों को सही किया है
गौरतलब है कि संपत पाल ने अपने दम पर समाजिक बुराइयों से लड़ने वाली महिलाओं की फौज तैयार की जिसका नाम 'गुलाबी गैंग' है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म का प्रदर्शन होने दिया जाता है, तो संपत पाल की साख को नुकसान पहुंचेगा।
'गुलाब गैंग' को 'गुलाबी गैंग' ने दिखाया बांस का डंडा
आपको बता दें कि संपत का आरोप है कि फिल्म की नायिका उनका किरदार निभा रही है और फिल्म के प्रोमोज में उन्हें गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। इससे उनकी छवि और साख को नुकसान पहुंचेगा।
संपत का कहना है कि फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं, जिनसे उनकी छवि और साख को नुकसान पहुंच सकता है। इसकी भरपाई के लिए उन्होंने निर्माताओं से वित्तीय मुआवजे की भी मांग की है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा, "एक बार खो चुकी साख हमेशा के लिए खो जाती है और कभी वापस नहीं आती। रुपयों और मुआवजे से किसी के साख की भरपाई नहीं की जा सकती।"
गौरतलब है कि 7 मार्च को रिलीज होने जा रही फिल्म 'गुलाब गैंग' में पहली बार माधुरी दीक्षित और जूही चावला ने साथ काम किया है। फिल्म के निर्देशक नवोदित फिल्मकार सौमिक सेन हैं और अनुभव सिन्हा फिल्म के निर्माता हैं।
फिल्म का प्रमोशन जबरदस्त ढंग से हो रहा था लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूरी टीम को झटका लग गया है, देखते हैं कि फिल्म की टीम अब इस मामले पर क्या कदम उठाती है?
Did You Know: संपत पाल का 'गुलाबी गैंग' बुंदेलखंड इलाकों में काफी सक्रिय हैं। गुलाबी गैंग के लोग गुलाबी कपड़े पहनते हैं। इन महिलाओं मे एक होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठायी है और महिला सशक्तिकरण की एक नयी तस्वीर पेश की है


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