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    महाभारत के 'भीष्म पितामह' मुकेश खन्ना को Adipurush पर आया गुस्सा, कहा- देवी-देवताओं का मजाक नहीं उड़ाओ

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    Adipurush Controversy: साउथ के सुपरस्टार प्रभास की अपकमिंग बॉलीवुड फिल्म 'आदिपुरुष' फिलहाल सुर्खियों में छाई हुई है। जब से इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ है तब ये मूवी विवादों में घिरी नजर आ रही है। इस फिल्म के टीजर को देखने के बाद से कई लोग इसका विरोध करने में लगे हुए हैं। आपको बता दें कि गत 2 अक्टूबर को ही इस फिल्म का टीजर राम नगरी अयोध्या में रिलीज किया गया था। इस फिल्म में भगवान राम का किरदार साउथ के सुपरस्टार प्रभास निभा रहे हैं। वहीं माता सीता के रोल में कृति सेनन और रावण के रोल में सैफ अली खान दिखाई दे रहे हैं। इस फिल्म के टीजर के रिलीज होते ही यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। इसके टीजर को लाखों व्यूज मिले हैं लेकिन टीजर देखने के बाद से लोग इस पर नेगेटिव कमेंट्स दे रहे हैं। फिल्म 'आदिपुरुष' के टीजर में इस्तेमाल हुए वीएफएक्स और किरदारों के लुक्स लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आए हैं। आम लोगों से लेकर नेता और सेलेब्स भी इस फिल्म के किरदारों को पेश करने के तरीके पर अपनी आपत्ति जता रहे हैं। फिल्म के वीएफएक्स की कड़ी आलोचना की जा रही है। इसी बीच टीवी के महाभारत के भीष्म पितामह यानी मुकेश खन्ना ने भी फिल्म 'आदिपुरुष' के किरदारों के बारे में कई बातें कही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए इंटरव्यू में मुकेश खन्ना ने कहा है- लोग हजारों कहानियां बना सकते हैं, इसमें कोई आपत्ति नहीं लेकिन हमारे देवी-देवताओं का मजाक उड़ाना बिल्कुल सही नहीं है।

    साउथ इंडस्ट्री से भगवान का सम्मान करना सीखना चाहिए
    मुकेश खन्ना ने अपने इंटरव्यू में कहा- बॉलीवुड इंडस्ट्री को हिंदू किरदारों का उसी तरह सम्मान करना चाहिए जैसे कि साउथ की फिल्मों में लोग करते हैं। मुकेश खन्ना ने आगे कहा- रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों को तकनीक से नहीं बनाया जा सकता। कुछ लोग कहते हैं कि आप कौन होते हैं आपत्ति करने वाले जब सेंसर बोर्ड ने इसे पास किया है। सेंसर बोर्ड कोई हमारा माई बाप नहीं है। यह सुप्रीम कोर्ट नहीं है। उन्होंने आगे कहा- हजार कहानियां बनाओ, लेकिन हमारे देवी-देवताओं का मजाक मत उड़ाओ। तभी आपकी फिल्म चलेगी नहीं तो इसका कुछ नहीं होगा। मुकेश खन्ना ने आगे कहा- देखिए जब यहां बायकॉट कल्चर था तब भी फिल्म कार्तिकेय 2 ने कितना अच्छा काम किया। यदि आप हिंदू पात्रों का उपयोग करते हैं, तो उनका सम्मान करें जैसे दक्षिण की फिल्मों में किया जाता है। उन्होंने आगे कहा- कलयुग को महाभारत की व्याख्या के तौर पर बनाया गया है लेकिन उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे इसे दोहरा रहे हैं।

    किसी की भावनाओं को आहत न करें
    वहीं, गजेंद्र चौहान ने कहा- जब भी राम लीला होती है, राम को राम के रूप में ही देखा जाता है। इसलिए जब तक बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, आप किसी की भावनाओं को आहत नहीं कर सकते हैं। गजेंद्र चौहान ने आगे कहा- रावण हमारे इतिहास का एक अभिन्न चरित्र है और अगर उसका रूप बदल दिया जाता है, तो ऑडियंस इसे स्वीकार नहीं करेगी। गजेंद्र चौहान ने कहा- जो निर्माता इन किरदारों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं वह जरूर असफल होंगे। मैंने अपने 4 दशक लंबे करियर में करीब 150 किरदार निभाए हैं। मेरा मानना है, भगवान शिव को शिव के रूप में ही दिखाना चाहिए। भगवान विष्णु को भी विष्णु के रूप में दिखाया जाना चाहिए। इसी तरह रावण भी हमारे इतिहास का अभिन्न चरित्र रहा है। अगर आप उनके लुक को बदलने की कोशिश करेंगे तो बिल्कुल सही नहीं होगा।

    इसे भी पढ़ेंः Adipurush Controversy- अब टीजर पर भड़के 'राम' अरुण गोविल, बोले 'भावनाओं का मजाक ना बनाओ'!

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    English summary
    bhishma pitamah of mahabharata mukesh Khanna got angry on adipurush said dont make fun of gods
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