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    Exclusive Interview : मैं 97 किलो का था, भगवान ने दुनिया का सारा संघर्ष मेरे नसीब में लिखा था

    By Prachi Dixit
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    जिंदगी जीने के दो तरीके होते हैं। पहला ये कि जिस तरफ जिंदगी आपको ले जाना चाहे, ठीक वैसे पानी के बहाव की तरह बहते चलो। दूसरा वो रास्ता जिस पर खुद की जिंदगी की कमान अपने हाथों में लेनी पड़ती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है अंकित नारंग ने।

    अंकित नारंग टीवी के लिए नया चेहरा नहीं हैं। 'पवित्र रिश्ता' में सोहम की भूमिका से लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं अंकित नारंग। पवित्र रिश्ता के बाद अंकित ने बैक टू बैक 'बड़े अच्छे लगते हैं' और 'भागे रे मन' जैसे टॅाप शो का हिस्सा रहे हैं। इसके बाद उनकी जिंदगी में ऐसा कुछ हुआ जो उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। एक टॅाप शो के लिए उन्होंने अपना वजन 25 किलो बढ़ाया।

    बिना शूटिंग के शो पर ताला लग गया। 97 किलो वजन के साथ एक्टर की जिंदगी जीना अंकित के लिए खाई में कूदने समान था। हालांकि उन्होंने खुद के साथ ऐसा होने नहीं दिया। फिल्मीबीट से खास बातचीत में अंकित ने 'पवित्र रिश्ता' से लेकर 'दिव्य दृष्टि' तक पहुंचने के सफर के हौसले से भरी कहानी हमारे साथ शेयर की। यहां पढ़िए अंकित से हुई विशेष बातचीत।

    पवित्र रिश्ता के बाद मैं कहीं खो गया

    पवित्र रिश्ता के बाद मैं कहीं खो गया

    बकौल अंकित, लोगों को लगता था कि पवित्र रिश्ता के बाद मैं कहीं खो गया। इसकी वजह ये रही होगी कि मैंने बड़े अच्छे लगते हैं जैसे टॅाप शो किए। लेकिन मेरा किरदार केवल 4 से 5 महीने का रहा। इस वजह से लोगों को लगा कि मैं दिखाई नहीं दे रहा हूं। बीच में निजी कारणों के वजह से मुझे सूरत जाना पड़ा। वहां मैंने अपना 1 साल लगा दिया। उस दौरान भी मुझे कई शो के लिए संपर्क किया गया।

    इस वजह से मेरा वजन 97 किलो हो गया...

    इस वजह से मेरा वजन 97 किलो हो गया...

    सूरत से वापस लौटने के 4 महीने बाद मुझे एक बड़े शो का प्रस्ताव मिला। मुझे अपने किरदार के लिए 25 किलो वजन बढ़ाना था। पता नहीं क्यों शो शुरू होने से पहले रद्द कर दिया गया। मेरा वजन तब 97 किलो हो गया था। उस वक्त मुझे ऐसा लगा कि क्या दुनिया का सारा संघर्ष सिर्फ मेरे लिए लिखा हुआ है।

    मैं अंदर से टूट चुका था, फिर मैंने फैसला किया...

    मैं अंदर से टूट चुका था, फिर मैंने फैसला किया...

    खुद को 97 किलो का देखकर मैं अंदर से टूट चुका था। फिर मैंने खुद को हौसला दिया। सोचा कि इस हालात से निकलना मेरे लिए सबसे पहले जरूरी है। इसके बाद मैंने अपने वजन पर काम किया। काफी मेहनत की। इसके बाद दोबारा लौट कर मुंबई आया। खुशी इस बात कि है कि अगर मेरा वो शो रद्द नहीं होता तो मैं थिएटर नहीं कर पाता।

    4 साल का ब्रेक मेरे लिए गोल्डन समय है

    4 साल का ब्रेक मेरे लिए गोल्डन समय है

    मैंने कभी चार साल का ब्रेक नहीं लिया। मैंने एक्टिंग से कभी ब्रेक नहीं लिया है। हां, आप ये कह सकते हैं कि टीवी पर मैं नहीं दिखाई दिया। लेकिन ये सिर्फ थोड़े समय के लिए था।2016 मध्य से लेकर 2018 दिसंबर तक। दिव्य दृष्टि साइन करने से पहले। इस बीच मैंने खुद को थिएटर की तरफ मोड़ लिया। बतौर एक्टर मैंने थिएटर में गोल्डन समय बिताया है। थिएटर एक्टर को निखारता है। मैं पहले से ज्यादा निखर गया हूं।

    ये मेरे लिए गर्व का विषय है..

    ये मेरे लिए गर्व का विषय है..

    मैं अपने आप को खुशनसीब मानता हूं कि यहां पर कभी टाइप कास्ट नहीं हुआ। टीवी में किरदार एक्टर की पहचान बन जाते हैं। मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ। 'पवित्र रिश्ता' में मुझे बिहारी गुंडे की भूमिका मिली।बड़े अच्छे लगते हैं और 'भागे रे मन में' अलग तरह की भूमिका रही है। हर बार हर जगह, फिर चाहे वह फिल्म हो या थिएटर। ये मेरे लिए गर्व की बात है कि हर बार मुझे खुद को बतौर एक्टर अलग तरह के किरदार में ढालने का अवसर मिला है।

    एकता कपूर का मैं शुक्रगुजार हूं

    एकता कपूर का मैं शुक्रगुजार हूं

    खुश हूं कि आज भी लोग मुझे सोहम के किरदार से पहचानते हैं। एकता कपूर और बालाजी का मैं शुक्रगुजार हूं। सोहम जैसा पॅावर फुल किरदार मुझे निभाने का मौका मिला। जो आज तक लोगों की जहन में मौजूद है। आज कहीं ना कहीं उसी किरदार से टीवी इंडस्ट्री में मेरी पहचान है।

    English summary
    In and Exclusive Interview Pavitra Rishta fame Ankit Narang talk about his comeback Divya Drishti show and overall journey
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