'रोबोट' ने चुरायी शाहरूख की नींद

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शाहरूख चाहते थे कि उनकी फिल्म पूरी तरह गेमिंग मूवी हो। रसल पुकुट्टी कहते हैं रा-वन की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि इसे दो अलग-अलग क्षेत्रों गेमिंग और फिल्मों के बीच संतुलन बनाए रखना है। हम शाहरूख के घर पर मिले थे और फिल्म देखी। हमने इस मीटिंग में कुछ मुद्दों पर चर्चा की ताकि रा-वन दूसरी सुपरहीरो फिल्मों से बेहतर साबित हो सके। फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को रा-वन गेम खेलने का मौका भी देगा।
इससे पहले दुनिया के किसी हिस्से में ऎसा नहीं हुआ। शाहरूख का मानना है कि रोबोट इसलिए सफल हुई क्योंकि फिल्म में स्पेशल इफेक्ट्स के साथ ही भावनाएं और ड्रामा भी शामिल थे। रा-वन भी इसी तरह की है। रा-वन 80 फीसदी पूरी हो चुकी है। बाकी का 20 फीसदी हिस्सा तब पूरा होगा जब शाहरूख को विश्वास हो जाएगा कि जेम्स केमरॉन की अवतार और शंकर की रोबोट के बाद उनकी फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल होगी।


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