»   » Release Rewind: 'मोहब्बतें', हवाओं को नया रूख दे गई थी यह फिल्म

Release Rewind: 'मोहब्बतें', हवाओं को नया रूख दे गई थी यह फिल्म

Posted By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

मुंबई। साल 2000 में जब मोहब्बतें रिलीज हुई थी, तो इस फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी स्टार कास्ट को लेकर थी। स्क्रीन पर एक तरफ थे बॉलीवुड के शंहशाह, तो दूसरी तरफ थे बॉलीवुड के बादशाह। इन दोनों की जोड़ी के साथ आदित्य चोपड़ा का निर्देशन, मतलब एक सुपरहिट फिल्म। हालांकि फिल्म उतनी सफलता नहीं बटोर पाई थी, जितने की उम्मीद थी। फिर भी 'मोहब्बतें' मोहब्बत फैलाने में सफल रही थी।

खास कर इस फिल्म का संगीत खासा लोकप्रिय हुआ था। जतिन- ललित की जोड़ी ने एक बार फिर जादू किया था और घर घर में जिंदा रहती हैं उनकी मोहब्बतें गूंज उठी थी। वहीं, संगीत के साथ साथ पॉपुलर हुए थे, इस फिल्म की प्रभावी डॉयलोग्स। अमिताभ और शाहरूख के बीच का संवाद हो या कोई रोमांटिक क्षण, आदित्य चोपड़ा फिर लोगों को शब्दों के जाल में फंसा ले गए। तो आइए, एक बार फिर से देखते हैं फिल्म मोहब्बतें के बेस्ट डॉयलोग्स, जो आज भी प्यार करने वालों की ज़ुबान पर हैं:

  • दुनिया में कितनी है नफरतें..फिर भी दिलों में है चाहतें..मर भी जाएं प्यार वाले, मिट भी जाएं यार वाले.. जिंदा रहती हैं उनकी मोहब्बतें।
  • मैं आज भी उससे उतनी ही मोहब्बत करती हूं.. इसलिए नहीं कि कोई और नहीं मिली.. पर इसलिए कि उससे मोहब्बत करने से फुरसत ही नहीं मिलती।
  • मोहब्बत में शर्तें नहीं होती.. तो अफसोस भी नहीं होना चाहिए।
  • कोई प्यार करे तो तुमसे करे, तुम जैसे हो वैसे करे.. कोई तुमको बदल के प्यार करे, तो वो प्यार नहीं वो सौदा करे..और प्यार में सौदा नहीं होता..
  • एक लड़की थी दिवानी सी, एक लड़के पे वो मरती थी। चोरी चोरी, चुपके चुपके चिट्ठियां लिखा करती थी। कुछ कहना था शायद उसको, जाने किससे डरती थी। जब भी मिलती थी मुझसे, यही पूछा करती थी, ये प्यार कैसे होता है? ये प्यार कैसे होता है?
  • मोहब्बत भी जिंदगी की तरह होती है..हर मोड़ आसान नहीं होता, हर मोड़ पर खुशी नहीं होती। पर जब हम जिंदगी का साथ नहीं छोड़ते, फिर हम मोहब्बत का साथ क्यों छोड़ें।
  • मोहब्बत बहुत खुबसूरत होती है, तो क्या हुआ अगर वो अपने साथ थोड़ा सा दर्द लाती है।
  • मोहब्बत और संगीत का बहुत गहरा रिश्ता है, क्योंकि दोनों का जन्म दिल से होता है.. और दोनों की किस्मत भी दिल के कहने पर निर्भर है।
  • मैं यहां पर सूर्य की रोशनी इतनी तेज कर दूंगा, कि वो आदमी जो पचास सालों से सूर्य को घूरता आ रहा है.. उसे भी अपनी पलकें झुकानी होगीं।
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    English summary
    Today, film mohabbatein turned 14, but still it is as fresh in the hearts of lovers as before.

    रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Filmibeat sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Filmibeat website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more