टीनू आनंद एक भारतीय फिल्म अभिनेता है, जिन्हें हिंदी सिनेमा में वीरेंदर राज आनन्द के नाम से भी जाना जाता है। टीनू आनंद सिर्फ अभिनेता ही नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन की कई फिल्मों के निर्देशक भी रह चुके हैं, जिनमे कालिया, शहंशाह, मै आजाद हूं, मेजर साब जैसी फ़िल्में शामिल हैं।
निजी जीवन
टीनू आनन्द का जन्म 12 अक्टूबर 1945 को पेशावर पाकिस्तान में हुआ था। टीनू आनन्द लेखक इंदर राज आनंद के बेटे और फिल्म निर्माता बिट्टू आनंद के भाई और सिद्दार्थ आनंद के अंकल हैं।
करियर
टीनू के पिता हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय और प्रख्यात लेखकों में से एक थे, लेकिन वह नहीं चाहते थे, कि उनके बेटे इस फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बने। टीनू ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, कि जब मैंने अपने पिताजी से कहा कि, "मै फिल्म निर्देशन की दुनिया में जाना चाहता हूं, तो वह बेहद हताश हुए, जब उन्होंने देखा की मै कुछ और नहीं करना चाहता तो उन्होंने मेरी जिद के आगे घुटने टेक दिए और सत्यजित रे स्कूल में दाखिला दिला दिया। इसके बाद मेरा निर्देशन की दुनिया में दाखिला हुआ"। बतौर फिल्म निर्देशक टीनू ने अपने करियर में कई फिल्मे निर्देशित की, जिनमे जीना तेरी गली मै, ये इश्क नहीं आसान, सीमाबद्ध ,कालिया आदि शामिल हैं।
एक्टिंग करियर
टीनू को एक्टिंग करने का पहला मौका जलाल आघा से मिला, इस फिल्म में मुख्य भूमिका में सारिका, नसीरुद्दीन शाह और अमोल पालेकर मुख्य भूमिका में थे, फिल्म में लोगो को टीनू को किरदार बेहद पसंद आया और उन्हें क्रिटिक्स ने भी बेहद सराहा। बतौर एक्टर टीनू ने अपने करियर में कई फ़िल्में की, जिनमे पुष्पक, अग्निपथ, खिलाड़ी, चमत्कार, दिलजले, कभी ना कभी, सात रंग के सपने, अगली और पगली, दे दना दन, मासून, दामिनी, अंजाम जैसी फिलें शामिल हैं।