जीवनी
रमेश गोपी उर्फ़ रेमो डिसूजा एक भारतीय कोरियोग्राफर और निर्देशक हैं।  वह हिंदी सिनेमा में अपनी बेहतरीन कोरियोग्राफी और फिल्म फालतू और एबीसीडी के के लिए जाने जाते हैं  . 

पृष्ठभूमि 
रेमो डिसूजा का जन्म 2 अप्रैल 1972 को कर्नाटक के बैंगलोर में हुआ था। उनके पिता का नाम गोपी नायर है, जोकि एक नेवी ऑफिसर थे।उनकी माँ का नाम  माधवीयम्मा था, जोकि एक गृहणी थीं।  उनके एक बड़े भाई हैं गणेश गोपी हैं 
और तीन छोटी बहनें हैं। पिता की नौकरी नेवी में होने के कारण उन्हें भारत के कई हिस्सों में अपनी पढ़ाई करनी पड़ी। 

पढ़ाई
उन्होंने अपनी सेकेंडरी की पढ़ाई गुजरात के जामनगर से संपन्न की है।  वह अपने स्कूली दिनों में एक बेहद अच्छे एथलीट थे, और उन्होंने उस दौरान कई अवार्ड भी अपने नाम किये थे।

शादी 
रेमो डिसूजा की शादी लिजेल कॉस्टयूम डिजायनर से हुई हैं। वह दो बेटों ध्रुव और गबिरिल के पिता भी हैं। 

करियर 
रेमो डिसूजा ने कभी भी डांस की कोई पारंगत ट्रेनिंग नहीं ली।  उन्होंने डांस की शिक्षा माइकल जैक्सन के विडियोज को देखकर ग्रहण किया हैं।  वह बचपन से ई माइकल के डांस मूव्स को देखकर उसमे अपने स्टेप्स खुद कोरियोग्राफ कर सीखते थे। पैसे की तंगी के चलते उन्होंने अपनी डांस क्लास सुपर ब्रैट्स खोली।  और लोगो को डांस सिखाने लगे।  शुरूआती दौर में रेमो को इस क्षेत्र में बहुत संघर्ष करना पड़ा।  एक बार तो उनके पास पैसे की इतनी तंगी आ गयी थी की उन्हें अपनी दो रातें बिना कुछ खाए-पिए स्टेशन पर गुजारनी पड़ी।  

लेकिन कहते हैं ना हर काली रात के बाद एक नई सुबह होती है, कुछ ऐसा ही रेमो के साथ। उसी दौरान एक डांस कम्पटीशन आयोजित हुआ जिसमे रेमो की टीम ने जीत कर वंहा बाॅजी मार ली, और लोगो को उनका हुनर भी दिखाई दिया। इसके बाद रेमो की किस्मत चमक उठी, उन्हें बतौर डांसर और अभिनेता बने के पहला मौका आमिर खान और उर्मिला मांतोडकर स्टारर फिल्म रंगीला से मिला।  इस फिल्म में उनके डांस को आलोचकों ने भी नोटिस किया और उनकी तारीफ की।  इस फिल्म के बाद वह कोरियोग्राफर अहमद खान को असिस्ट करने लगे।  एक साल बाद उन्होंने खुद एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट करने की सोची और उन्होंने अभिनव सिन्हा के निर्देशन में सोनू निगम का एल्बम दीवाना कोरियोग्रफ किया, जो उस दौरान काफी हिट साबित हुआ, उसके बाद उन्होंने कई और बड़े निर्देशकों के साथ वीडियो एल्बम में काम किया। 

उनके करियर का टर्निंग पॉइंट फिल्म कांटे का आइटम सांग इश्क समंदर रहा, जो उन दिनों बेहद हिट रहा था, और उसके बाद हिंदी सिनेमा में लोगों ने रेमो की काबलियत को पहचाना। 

बतौर निर्देशक 
इसके बाद कई हिट फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ कर रेमो का करियर और उनकी प्रसिद्ध लगातार बढ़ती चली गयी।  उसके बाद उन्होंने निर्देशन की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने की सोची और फिल्म फालतू का निर्देशन किया।  इस फिल्म में लीड जैकी भघनानी नजर आये थे, फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर औसत व्यापर किया था।  लेकिन दर्शकों और आलोचकों ने उनके निर्देशन की तारीफ की थी।  उसके बाद साल 2013 में रेमो ने डांस बेस्ड फिल्म एबीसीडी निर्देशित की।  इस फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर काफी अच्छा व्यापर किया और साथ ही आलोचकों ने उनकी फिल्म की बेहद सरहाना की।  साल 2015 में रेमो अपनी दूसरी फिल्म एबीसीडी का सीक्वल लेकर आये।  इस फिल्म में वरुण धवन, श्रद्धा कपूर,प्रभुदेवा मुख्य भूमिका में नजर आये।  इस फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर काफी कमाई की और ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई।  साथ ही यह फिल्म साल 2015 की सबस ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म भी बनी।  

टीवी करियर 
रेमो डिसूजा जितने बड़े परदे पर सफर कोरियोग्राफर तो उल्टे ही सफल जज वह छोटे पर्दे पर। उन्होंने अपने टीवी करियर की शुरुआत जीटीवी के डांस बेस्ड रियलिटी शो डांस इंडिया डांस से की थी। इसके साथ ही वह कलर्स के डांस बेस्ड रियलिटी शो झलक दिखला जा में भी बतौर जज नजर आ चुके हैं।  फ़िलहाल रेमो स्टार प्लस के डांस बेस्ड रियलिटी शो डांस प्लस में सुपर जज की भूमिका अदा कर रहे हैं। इस शो में उनके अलावा धर्मेश यालंडे, शक्ति मोहन और सुमित नागदेव नजर आ रहे हैं। 


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