रवीना टंडन जीवनी

    नब्बे के दशक की मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन अपने जमाने की मशहूर अदाकारा थीं।  वह मुख्यतः हिंदी फिल्मों में नजर आतीं हैं। 

    पृष्ठभूमि 
    रवीना टंडन का जन्म मुंबई में हुआ था।  उनके पिता रवि टंडन हिंदी सिनेमा में फिल्म निर्माता थे। उनकी माँ का नाम वीना टंडन है।  उनका एक भाई हैं-राजीव टंडन-जोकि फ़िल्म अभिनेता है। 

    पढ़ाई 
    रवीना टंडन ने अपनी शुरूआती पढ़ाई जमनाबाई नर्सी स्कूल जुहू से संपन की है।  स्नातक की पढ़ाई मीठीबाई कॉलेज मुंबई से की हैं। रवीना को उनकी पहली फिल्म का ऑफर उनके कॉलेज के दिनों के दौरान मिला था।  जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में अपना करियर बनाना उचित समझा।  

    शादी 
    रवीना टंडन की शादी बिजनेस मैन अनिल थंडानी से हुई है। उनके तीन बेटियां हैं और एक बेटा हैं।  जिनमे  बेटियोँ को उन्होंने गोद लिया हैं।  

    करियर 
    रवीना टंडन का शुरूआती फ़िल्मी करियर बेहद शानदार रहा था।  उनकी डेब्यू फिल्म हिट साबित हुई थी, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर के नवोदित कलाकार के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। उसके बाद वह मोहरा, दिलवाले जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आयीं। रवीना ने अपने फ़िल्मी करियर में हर तरह की फिल्मों में भूमिका निभायी, चाहे वो एक्शन थ्रिलर हो रोमांस या कॉमेडी।  वह हर फिल्म में काफी बेहतर नजर आई।  

    साल 1995 में वह फिल्म जमाना-दीवाना में सिल्वर स्क्रीन पर शाहरुख़ संग रोमांस करती हुई नजर आई। लेकिन यह फिल्म दर्शकों को अपनी ओर नही  खीच पायी। जिसके चलते फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर बुरी फ्लॉप साबित हुई थी। इसके बाद वह कई सफल फिल्मों में बेहतरीन भूमिका निभाती हुई नजर आई।  हालांकि बाद में उन्होंने किसी कारण से हिंदी फिल्मों से ब्रेक ले लिया और कई फिल्मो के प्रस्तावो को ठुकरा दिया जो फ़िल्में बाद में ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई। 

    साल 1996 में वह एक बार फिर खिलाडी अक्षय कुमार के संग फिल्म खिलाड़ियोँ का खिलाडी में नजर आई।  यह फिल्म उस साल की हिट फिल्म में शुमार हुई।  उसके बाद वह सनी देओल संग फिल्म जिद्दी में नजर आई।  यह एक्शन-रोमांस बेस्ड फिल्म थी।  इस फिल्म में रवीना ने कॉफी बेहतरीन भूमिका अदा की थी। वह अपने हिंदी सिनेमा करियर में पहली बार फिल्म दस में खलनायिका  का किरदार निभाने वाली थी, लेकिन निर्देश की मृत्यु के बाद इस फिल्म की शूटिंग को रोक दिया गया।  

    रवीना ने अपने फ़िल्मी करियर में कई बेहतरीन फिल्मों के प्रस्तावों को मना कर दिया।  जिसका अफ़सोस शायद उन्हें उन फिल्मों के रिलीज हिने के बाद हुआ होगा।  अगर रवीना उन फिल्मों में अभिनय करती तो, शायद वह उस दशक की बेहतरीन अभिनेत्रीयोँ की फेहरिस्त में शामिल हो सकती थी। 

    साल 1998 में उनकी आठ फ़िल्में रिलीज हुई। उनकी आखरी रिलीज मेगास्टार अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म बड़े मियां छोटे मियां थी।  यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी दूसरी हिट फिल्म साबित हुई थी।  फिल्म कुछ कुछ होता हैं में काजोल का रोल ऑफर किया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया, बाद में यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई थी। सीसी साल वह फिल्म फिल्म घरवाली-बाहरवाली में नजर आयीं। इस फिल्म में अनिल कपूर और रवीना टंडन मुख्य भूमिका में नजर आये थे।  फिल्म ने बॉक्सऑफिस पर औसतन व्यापार किया था। इसी साल विनाशक, परदेशी बाबू, अन्त्य नंबर 1 में भी नजर आई थी, जो बॉक्स-ऑफिस पर बुरी फ्लॉप साबित हुई थी। 

    साल 2000 में रवीना आर्ट जैसी फिल्मो में नजर आने लगी।  जोकि उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट रहीं।  उन्होंने शूल,बुलंदी,अक्स जैसी फ़िल्में की।  जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर जैसे पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया गया।  
     
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