अलका यागनिक एक भारतीय, प्रसिद्ध पार्श्वगायिका है। ये अपनी गायिकी से सिनेमा में तीन दशकों तक राज किया है और संगीत के क्षेत्र में अपनी गायिकी का लोहा मनवाया है। अलका याग्निक को कई नेशनल अवार्ड और फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ा जा चूका है। सिनेमा के तीन दशकों तक पुराने करियर में, इन्होने एक से बढ़ के एक गाने गाये है। लता जी और आशा जी के बाद अगर किसी का नाम लिया जाता है, तो वो अलका याग्निक का नाम है। अलका ने अपने करियर के दौरान हिंदी के अलावा उर्दू, गुजराती, अवधी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषा में भी गाने गाये है।
जन्म
अलका याग्निक का जन्म 20 मार्च 1966 को पश्चिम बंगाल, कोलकाता में हुआ था। अलका की माता का नाम शुभा याग्निक है और वो एक क्लासिकल सिंगर थी। अलका गुजराती हिन्दू परिवार से आती है।
परिवार
अलका ने शिल्लोंग के मशहूर बिज़नेसमैन नीरज कपूर के साथ 1989 में शादी की। उनकी बेटी का नाम सयेशा है।
करियर
14 साल की छोटी सी उम्र में अलका ने फिल्म 'पायल की झंकार' के गाने 'थिरकत अंग लचक झुकी' गीत से अपना डेब्यू किया। जिसके बाद 1981 में आयी फिल्म 'लावारिस' का गाना 'मेरे अँगने में' अलका को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया।
साल 1988 आयी फिल्म 'तेजाब' के गाने 'एक दो तीन' के लिए इन्हे पहली बार फिल्मफेयर अवार्ड मिला। इन्होने जानी मानी बड़ी-बड़ी फिल्मों के लिए गाने गाये, और आज अलका एक विख्यात हस्ती है, जिनके गाये हुए गाने लोग आज भी बेहद पसंद करते है।