Rainbow Rishta Review: LGBTQIA+ लव स्टोरीज पर बनी एक दिल छूने वाली और पॉवरफुल सीरीज, मोहब्बत ज़िंदाबाद

निर्देशक- जयदीप सरकार
कलाकार- त्रिनेत्रा हलदर, ऐश्वर्या आयुष्मान, डेनिएला मेंडोंका, अनीज़ सैकिया, सनम चौधरी, सोहम सेनगुप्ता, सुरेश रामदास और सदाम हंजाबम
प्लेटफॉर्म- अमेज़न प्राइम वीडियो
"दुनिया खुलकर प्यार कर सकती है तो हम क्यों नहीं!" यह डॉक्यू सीरीज इस सवाल के साथ शुरु होती है और एक उम्मीद, एक विश्वास और हौसले पर जाकर खत्म होती है। LGBTQIA+ समुदाय पर पहले भी कई फिल्में, कई सीरीज बन चुकी हैं। खासकर आजकल निर्माता- निर्देशक कहानियों में उनकी सहभागिता को लेकर भी काफी संवेदनशील नजर आते हैं। लेकिन स्क्रीन पर दिख रही कहानियों से अलग उनकी निजी जिंदगी कैसी होती है और उन्हें सच्चा प्यार पाने के लिए कितना जूझना पड़ता है, ये दिखाती है 'रेनबो रिश्ता'।
ये सीरीज आपको पूरे LGBTQIA+ समुदाय के लिए संवेदनशील बनाएगी। यह प्यार की सर्वव्यापी भावना की बात करती है। ये प्यार को एक ऐसे समुदाय के लेंस से दिखाने की कोशिश करती है, जिनके लिए सबसे बड़ा संघर्ष समाज में अपनी पहचान को बनाने को लेकर है। ये बताती है कि कैसे सबसे पहले वो सिर्फ यही चाहते हैं कि उनके साथ 'सामान्य' लोगों जैसा व्यवहार किया जाए।
6 एपिसोड्स में बंटी ये सीरीज 6 अलग अलग कपल की कहानी दिखाती है। ये एक झलक देता है कि LGBTQIA+ समुदाय में होने का क्या मतलब है, उन्हें क्या उम्मीदें हैं और उन्हें लेकर लोगों में क्या गलतफहमियां हैं। शुभ्रा चटर्जी और ह्रदय ए नागपाल के साथ मिलकर, निर्देशक जयदीप सरकार दर्शकों को त्रिनेत्रा हलदर, ऐश्वर्या आयुष्मान, डेनिएला मेंडोंका, अनीज़ सैकिया, सनम चौधरी, सोहम सेनगुप्ता, सुरेश रामदास और सदम हंजाबम की निजी जिंदगी की यात्रा से रूबरू कराते हैं।
6 अलग-अलग जिंदगी, 6 अलग कहानी
गोवाहाटी के समलैंगिक जोड़े अनीज़ और सनम, जो एक फ्लैट की तलाश में हैं। लेकिन एक के बाद एक कई ब्रोकर और मकान मालिकों से उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। कारण.. सिर्फ उनका समलैंगिक होना। दूसरी ओर, एमबीबीएस डॉक्टर से एक्टर बनीं त्रिनेत्रा हलदर मुंबई में अपना पैर जमा रही हैं। पॉपुलर सीरीज 'मेड इन हेवन' के दूसरे सीज़न में उनके किरदार ने जबरदस्त प्रभाव छोड़ा था। लेकिन रियल लाइफ में उन्हें एक साथी की तलाश है, जो उन्हें सारी खूबियों और खामियों के साथ प्यार करे। तीसरी कहानी है आयुष्मान की। रांची का यह लड़का ड्रैग क्वीन 'लश मॉनसून' के नाम से दिल्ली में गे क्लबिंग सर्किट में जबरदस्त पॉपुलर है। लेकिन मेकअप उतारने के बाद, उसे किसी का साथ पाने से झिझक है। बतौर आयुष्मान उसमें आत्म विश्वास की भारी कमी है क्योंकि वो अभी तक अपनी पहचान अपने माता- पिता को नहीं बता पाया है। चौथी कहानी है इम्फाल में रहने वाला सदाम की, जो प्यार में एक दफा ऐसा धोखा खा चुका है कि अब उसके लिए सबसे बड़ा संघर्ष किसी पर विश्वास करना ही है। दोस्तों के सपोर्ट से वह फिर प्यार के रास्ते पर निकलता है, जहां उसकी मुलाकात किसी से होती है, लेकिन क्या वह आगे बढ़कर अपने साथी का हाथ थाम पाएगा? पांचवे कपल हैं सोहम और सुरेश, जो लंबे समय से रिलेशनशिप में हैं और अब अपनी जिंदगी को आगे ले जाने के लिए बच्चे अडॉप्ट करना चाहते हैं। वहीं, छठी कहानी है डेनिएला की, जो इंटरसेक्स 'महिला' है, जिंदगी में बहुत बुरे समय से गुजर चुकी है, लेकिन अब पूरे तामझाम के साथ अपने साथी के साथ शादी करना चाहती है।
रेटिंग
यह सिर्फ LGBTQIA+ समुदाय की भावनाओं को ही नहीं दिखाता है, बल्कि यह भी समझने की कोशिश करता है कि माता-पिता और परिवार के लिए भी यह आसान नहीं है। उनके पास इस स्थिति को समझने के लिए कोई रूल बुक या मैनुअल नहीं है। सीरीज का हर एपिसोड लगभग 35- 40 मिनट लंबा है, जिसकी गति बीच बीच में धीमी भी हो जाती है। लेकिन यदि किरदारों से और उनकी कहानी से कनेक्शन महसूस करेंगें तो लंबाई से आपको परेशानी नहीं होगी। 'रेनबो रिश्ता' एक खिड़की की तरह है, जो आपको LGBTQIA+ समुदाय के लोगों की जिंदगी में झांकने का, उन्हें समझने का, रूढ़िवादी सोच से लड़ने का और स्वीकार करने का मौका देती है। फिल्मीबीट की ओर से इसे 3.5 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications












