Dancing On The Grave: प्राइम वीडियो की नई डॉक्यू - सीरीज को लेकर शुरु हुआ विवाद, कानूनी पचड़े में फंसे सब

Dancing On The Grave: बेव सीरिज और डॉक्यूमेंटी का जमाना है, ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नई नई वेब सीरीज, फिल्में और डॉक्यूमेंटी रिलीज हो रही हैं। ऐसे में हाल ही में प्राइम वीडियो पर सच्ची घटनाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरिज डांसिंग ऑन द ग्रेव रिलीज की गई है, इसको लेकर कानूनी विवाद शुरु हो गया है।
दरअसल पहले तो हम आपको बता दे कि, सच्ची घटना पर आधारित प्राइम वीडियो की नई डॉक्यूमेंट्री डांसिंग ऑन द ग्रेव अपनी दिल दहला देने वाली कहानी को लेकर चर्चा में बनी हुई है।
रिलीज के चंद दिनों बाद ही डॉक्यु सीरीज को लेकर कानूनी अड़चन सामने आ रही है। मुरली मनोहर मिश्रा उर्फ स्वामी श्रद्धानंद ने सीरीज को लेकर प्राइम वीडियो को कोर्ट में घसीटा है और डांसिंग ऑन द ग्रेव पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
उनका कहना है कि डॉक्युमेंट्री उनके कानूनी अधिकारों को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि उनका केस अभी कोर्ट में विचाराधीन है। मुरली मनोहर मिश्रा को हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और वो मध्य प्रदेश के सागर के सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
गौरतलब है कि, डांसिंग ऑन द ग्रेव की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है, जिसे प्राइम वीडियो ने हाल ही में 21 अप्रैल को रिलीज किया है। इसको अभी तक कई सारे लोग देख चुके हैं, और इसको लेकर सोशल मीडिया पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सीरीज कई मायनों में मुरली मनोहर मिश्रा के कानूनी अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इसलिए कानूनी नोटिस मिलने के तुरंत बाद सीरीज के प्रसारण पर रोक लगा दी जाए। नोटिस में आगे कहा गया कि, ऐसा ना करने पर प्राइम वीडियो के खिलाफ कोर्ट में अपराधिक मामला दर्ज करवाया जाएगा, जिसके लिए प्लेटफॉर्म जिम्मेदार होगा।
इसके अलावा इस कानूनी कार्रवाई के लिए मुरली मनोहर मिश्रा के वकील ने 55 हजार रुपए की रकम भी मांगी है, बता दे कि, इस सीरीज की कहानी 1990 में हुई शाकरे नमाजी की हत्या पर आधारित है, जो एक शाही परिवार से ताल्लुक रखती थीं।


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