Bambai Meri Jaan Review: अंडरवर्ल्ड की इस कहानी में केके मेनन और अविनाश तिवारी का बेहतरीन फॉर्म

Rating:
3.5/5

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निर्देशक- शुजात सौदागर
क्रिएटर्स- शुजात सौदागर और रेन्ज़िल डिसिल्वा
कलाकार- केके मेनन, अविनाश तिवारी, कृतिका कामरा, जितिन गुलाटी, सौरभ सचदेवा, निवेदिता भट्टाचार्य, विवान भटेना, आदित्य रावल आदि
प्लेटफॉर्म- अमेज़न प्राइम वीडियो

साठ के दशक में एक ईमानदार पुलिस अधिकारी अपने तीन बेटों और पत्नी के साथ बंबई आता है। लेकिन उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उसी का एक बेटा बड़ा होकर अंडरवर्ल्ड का बादशाह बनेगा और बंबई पर राज करेगा। यह कहानी 1950 से 1980 के बीच की है, जब बंबई में अंडरवर्ल्ड का डंका बजता था। हाजी और पठान जैसे माफिया राजा थे। तभी दारा कादरी दृश्य में आता है, जो अपने पिता के आदर्श और 'बंबई का बादशाह' बनने की इच्छा के बीच फंसा हुआ है।

'बंबई मेरी जान' हुसैन जैदी की डोंगरी टू दुबई से प्रेरित है, जो मोस्ट वांटेड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के इर्द-गिर्द घूमती है। दाऊद और उसकी डी कंपनी ने शहर के साथ क्या किया, ये हम 'वन्स ऑपन ए टाइम इन मुंबई', 'सत्या', 'कंपनी' समेत कई फिल्मों और सीरीज में देख चुके हैं। ऐसे में अमेज़न प्राइम वीडियो का यह नया शो, अपने 10 एपिसोड में क्या कुछ नया समेट कर लाया है? आइए जानते हैं।

कहानी

इस्माइल कादरी (के के मेनन) एक ईमानदार पुलिस अफसर है, जो बंबई में नया नया ट्रांसफर होकर आया है। यहां उसका एक भी ध्येय है, बंबई से अंडरवर्ल्ड का सफाया। लेकिन इसके विपरीत गरीबी और बेचारगी से तंग आकर, उसका बेटा दारा कादरी (अविनाश तिवारी) अपने भाई-बहनों सादिक (जितिन गुलाटी), अज्जू (लक्ष्य कोचर) और बहन हबीबा (कृतिका कामरा) के साथ बंबई पर राज करने का रास्ता तलशता है। यह तलाश उसे काले धन के सरगना सुलेमान हाजी (सौरभ सचदेवा) तक ले जाती है, जिसके नियंत्रण में पूरा शहर चलता है। उसके साथ है अजीम पठान (नवाब शाह), जो अफगानिस्तान से है। वे अपने अवैध साम्राज्य को और बढ़ाने के लिए अन्ना (दिनेश प्रभाकर) के साथ मिल जाते हैं। इधर इनसे निपटने के लिए इस्माइल कादरी के नेतृत्व में बंबई पुलिस 'पठान स्क्वाड' तैयार करती है। एपिसोड दर एपिसोड सीरीज कादरी परिवार की कहानी को दिलचस्प बनाती जाती है। दारा कुछ हिस्सों में भले ही हीरो बनकर उभरता है, लेकिन आपको हमेशा याद रहता है कि वो एक ऐसा व्यक्ति है जो गलत है और अवैध काम कर रहा है। 'बंबई मेरी जान' इमोशनल स्तर पर दमदार है। यह हिंसा के अलावा, सभी किरदारों की भावनात्मक पक्ष भी दिखाती है। कहानी का अंत कहीं ना कहीं आप जानते हैं, लेकिन वहां तक का सफर दिलचस्प है।

अभिनय

के के मेनन एक बेहतरीन कलाकार हैं और हर किरदार में बखूबी रच बस जाते हैं। इस सीरीज में उन्होंने एक ईमानदार पुलिस वाले (इस्माइल कादरी) और एक हताश पिता के रूप में शानदार काम किया है। वहीं, अविनाश तिवारी अपने किरदार में गहराई लाते हैं। एक निम्न मध्यमवर्गीय लड़के से बंबई के डॉन बनने तक के अपने सफर में आए बदलाव को वो सटीक निभाते हैं। पहले भी कई फिल्मों और सीरीज में हम अभिनेताओं को दाऊद इब्राहिम जैसा किरदार निभाते देख चुके हैं। लेकिन अविनाश ने उन सबसे काफी अलग करने की कोशिश की है और सफल रहे हैं। कृतिका कामरा ने हबीबा के किरदार को बढ़िया आकार दिया है। वहीं, हाजी के रूप में सौरभ सचदेवा संतुलित अभिनय करते हैं। सहायक किरदारों में .. एक भ्रष्ट पुलिस वाले के रूप में शिव पंडित, दारा के वफादार के रूप में विवान भठेना, उसके भाइयों के किरदार में लक्ष्य कोचर और जितिन गुलाटी और मां बनी निवेदिता भट्टाचार्य अपना प्रभाव छोड़ते हैं और कहानी में नई परतें जोड़ते हैं।

निर्देशन व तकनीकी पक्ष

शुजात सौदागर के निर्देशन में बनी ये सीरीज अपनी शुरुआत काफी धीमी गति से करती है। पहले दो एपिसोड्स में तमाम किरदारों से आपकी पहचान होती है। लेकिन यहां निर्देशक काफी समय ले लेते हैं। फिर तीसरे एपिसोड से कहानी थोड़ी गति पकड़ती है। खास बात है कि यहां कहानी सिर्फ अंडरवर्ल्ड के अपराधों पर केंद्रित करने के बजाए, निर्देशक ने किरदारों को गहराई देने पर भी काफी काम किया है। दारा और उसकी बहन हबीबा के बीच का बॉण्ड हो.. या अपने परिवार को भ्रष्टाचार के कारण टूटते हुए देखता पिता.. कुछ इमोशंस यहां आपको कहानी के बांधे रखेंगे। बेशक कुछ खामियां हैं, लेकिन रेंसिल डिसिल्वा और समीर अरोड़ा ने एस हुसैन जैदी की 'डोंगरी टू दुबई' को अटैप्ट करने में सराहनीय काम किया है। सीरीज का बैकग्राउंड स्कोर और प्रोडक्शन डिजाइन काफी शानदार है। हां, एडिटिंग पर थोड़ा और काम किया जा सकता था। 10 एपिसोड्स (प्रत्येक एपिसोड 50 मिनट) में बंटी ये सीरीज थोड़ी और चुस्त होती तो वो बिंज वॉच के लिए परफेक्ट थी।

रेटिंग- 3.5 स्टार

शुजात सौदागर की 'बंबई मेरी जान' एक दिलचस्प क्राइम ड्रामा है, जिसे आप जरूर देख सकते हैं। अंडरवर्ल्ड की ये कहानी एक अलग अंदाज में पेश की गई है, साथ ही कुछ बेहतरीन प्रदर्शन के लिए इसे देखें। फिल्मीबीट की ओर से अमेजन प्राइम वीडियो की सीरीज बंबई मेरी जान को 3.5 स्टार।

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