Viral Video: 45 दिन भूखे रहकर जलती होलिका के बीच कूदा शख्स, खतरनाक परंपरा देख लोगों की अटकी सांसें!
Falen village Pralhad Holika Dahan ritual Viral Video: मथुरा के फालेन गांव में हर साल होली के मौके पर एक अद्भुत परंपरा देखने को मिलती है। इस परंपरा में एक व्यक्ति भक्त प्रह्लाद का रोल निभाता है और होलिका की आग के बीच से बिना डर के निकलता है। यह सीन देखने वालों को हैरान कर देता है और लोगों में इस त्योहार के प्रति भक्ति की भावना बढ़ा देता है।

भक्त प्रह्लाद का किरदार निभाने वाले की तैयारी
इस साल भक्त प्रह्लाद का रोल संजू पांडा ने निभाया। इसके लिए उन्होंने लगभग 45 दिन तक व्रत और साधना की। इस दौरान उन्होंने खाना नहीं खाया और घर‑परिवार से दूर रहकर केवल ध्यान और पूजा में समय बिताया। यह कठिन तैयारी आग में सुरक्षित निकलने की क्षमता और भक्ति को दर्शाती है।
आग में से निकलने की परंपरा
व्रत और साधना के बाद ही प्रह्लाद आग के बीच से निकलते हैं। गांव के लोगों के अनुसार यह भक्ति और विश्वास की जीत का प्रतीक है। जैसे पौराणिक कथा में प्रह्लाद को आग से कोई नुकसान नहीं हुआ था और होलिका जल गई थी, वैसे ही इस परंपरा में भी प्रह्लाद का सुरक्षित निकलना दर्शकों को प्रेरित करता है।
परंपरा का महत्व
यह परंपरा हमें यह सिखाती है कि सच्ची भक्ति और दृढ़ विश्वास से कोई भी मुश्किल काम संभव है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए मथुरा के फालेन गांव आते हैं। आग के बीच से प्रह्लाद का निकलना दर्शकों को रोमांचित और भावुक दोनों कर देता है।
होली का सांस्कृतिक महत्व
मथुरा‑वृंदावन में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है। यहां होली को भक्ति और धार्मिक कथाओं के साथ मनाया जाता है। बरसाना की लठमार होली, फूलों की होली और फालेन की यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता और त्योहारों की गहराई को दिखाती है।
मथुरा की यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि भक्ति और विश्वास से हर कठिनाई पार की जा सकती है। होलिका दहन और प्रह्लाद का किरदार इस बात का प्रतीक है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजयी होती है।


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