6 मिनट 39 सेकंड, 3 मिनट 24 सेकंड... लीक MMS भारत में क्यों हो रहे वायरल? फातिमा जटोई-आरोही मिम केस का पूरा सच

Fake MMS scandal explained: पिछले कुछ समय से भारत के कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिन्हें लीक MMS बताया जा रहा है। इन वीडियो में फातिमा जटोई और आरोही मिम जैसे नामों का जिक्र हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि ये कथित MMS पाकिस्तान और बांग्लादेश के बताए जा रहे हैं, फिर भी भारतीय यूजर्स की फीड्स पर ये लगातार नजर आ रहे हैं। ऐसा क्यों है, आइए जानते हैं।

Fake MMS scandal explained

एक जैसे टाइटल और तय समय वाले वीडियो क्यों होते हैं वायरल?

डिजिटल एनालिस्ट्स के अनुसार, इन वायरल क्लिप्स के पीछे एक खास पैटर्न काम कर रहा है। अक्सर वीडियो की लंबाई एक जैसी होती है, जैसे 3 मिनट 24 सेकंड या 6 मिनट 39 सेकंड। इस तरह के टाइम स्टैम्प जानबूझकर चुने जाते हैं ताकि वीडियो ज्यादा 'रियल' और 'लीक' लगें और यूजर एक्साइटमेंट में आकर क्लिक कर दें।

किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से फैल रहा है यह ट्रेंड?

ये कथित लीक वीडियो सबसे ज्यादा Instagram Reels, TikTok, X (Twitter), WhatsApp फॉरवर्ड्स के जरिए वायरल हो रहे हैं। एक बार वीडियो पर कमेंट और रीपोस्ट बढ़ते हैं, तो सोशल मीडिया का एल्गोरिदम खुद उसे और ज्यादा लोगों तक पहुंचा देता है।

क्या ये वीडियो सच में असली हैं?

साइबर एक्सपर्ट्स और डिजिटल सेफ्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि इन वीडियो में से कई पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं। अक्सर ये क्लिप्स AI से बनाए गए होते हैं। पुराने वीडियो को एडिट कर पेश किए जाते हैं। सिर्फ क्लिक और व्यूज़ बटोरने के लिए फैलाए जाते हैं। कुछ मामलों में ये वीडियो फिशिंग लिंक या संदिग्ध वेबसाइट्स की ओर भी ले जाते हैं।

भारत में क्यों जल्दी वायरल हो जाता है ऐसा कंटेंट?

एक बड़ी वजह यह भी है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच भाषा, संस्कृति और कंटेंट स्टाइल में काफी समानता है। यही कारण है कि दूसरे देशों का कंटेंट भी भारतीय दर्शकों को जाना-पहचाना लगता है और वे बिना ज्यादा सोचे उसे शेयर कर देते हैं।

सामने आए लोगों ने क्या कहा?

जिन लोगों के नाम इन कथित लीक वीडियो से जोड़े जा रहे हैं, उन्होंने कई बार साफ किया है कि ये वीडियो नकली हैं, इन्हें AI या एडिटिंग से बनाया गया है। उनका इस तरह के किसी कंटेंट से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद अफवाहें रुकने का नाम नहीं ले रहीं।

फैक्ट-चेकर्स और एक्सपर्ट्स की साफ चेतावनी

फैक्ट-चेकिंग एजेंसियां और साइबर एक्सपर्ट्स लगातार लोगों को सावधान कर रहे हैं कि अनजान अकाउंट्स से आए लिंक न खोलें। 'लीक वीडियो' के नाम पर दिखाए जा रहे कंटेंट पर भरोसा न करें। बिना पुष्टि किसी भी वीडियो को आगे शेयर न करें।

इस पूरे ट्रेंड से क्या सीख मिलती है?

यह ट्रेंड बताता है कि आज के डिजिटल दौर में गलत जानकारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी कितनी आसानी से देशों की सीमाएं पार कर सकती है। इसलिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय जरूरी है कि हम हर वायरल चीज पर भरोसा न करें। सनसनीखेज टाइटल से सावधान रहें। सिर्फ भरोसेमंद जानकारी पर ध्यान दें।

More from Filmibeat

Read more about: video viral
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X