झूमर बंद.. नो एंट्री', ये था अशोक खरात का कोड-वर्ड, दु्ष्कर्म के दौरान इसलिए स्टाफ नहीं आता था अंदर
Ashok Kharat Code Word: मंदिर ट्रस्ट चलाने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात को लेकर एक के बाद एक नए पन्ने खुल रहे हैं। कभी उसको लेकर अवैध दवाओं की बात सामने आती है तो कभी महिलाओं को कैसे शिकार बनाता था वो बात सामने आती है।

लेकिन इस बाबा की गिरफ्तारी के बाद उस कोडवर्ड का पता चला है जिसके बाद उसके स्टाफ का कोई आदमी अंदर नहीं आता था जब वो महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना रहा होता था।
जी हां, इस बाबा के केबिन जब कोई महिला होती थी तो एक कोडवर्ड बाबा की तरफ से इशारे में दिया जाता था जिसके बाद किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं थी। बता दें कि 18 मार्च को एक 35 साल की महिला की ओर से दर्ज कराए गए रेप केस के बाद बाबा को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे हुए थे जिसके बाद वो जेल में है।
Ashok Kharat Code Language: अशोक खरात का कोडवर्ड क्या था?
नेताओं और बड़े बड़े अधिकारियों की पत्नी को अपना शिकार बनाने वाले इस बाबा ने अपने ऑफिस में एक कोडवर्ड रखा हुआ था। रिपोर्ट्स की मानें तो वो 'शुद्धिकरण' के नाम पर जब महिला को एकांत में बुलाता था तो अपने केबिन का झूमर बंद कर देता था। ऐसा करना उसका एक कोड होता था जो कि सीधे स्टाफ को संदेश देता था कि शुद्धिकरण की प्रक्रिया चल रही है और अब कोई भी अंदर नहीं आ सकता है। जिस तरह के कांच उसके केबिन में लगा था उससे आप अंदर से बाहर देख सकते हैं लेकिन बाहर वाला आपको नहीं देखा सकता है। फिलहाल बाबा को लेकर शिकंजा काफी तेजी से कस गया है और लोग सजा की मांग कर रहे हैं।
रिवॉल्वर रखता था बाबा
अशोक खरात का रिवॉल्वर लाइसेंस निलंबित कर दिया है. प्रशासन का मानना है कि खरात अपने हथियारों का इस्तेमाल पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए कर सकता था. वहीं, शुक्रवार को फोरेंसिक टीम के साथ एसआईटी ने खरात के दफ्तर से फाइलें, दस्तावेज और एक डायरी बरामद की है, जिससे कई बड़े नामों के खुलासे होने की उम्मीद है.


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