JNU में बवाल काटने वाली हसीना Shehla Rashid कहां हैं अब और क्या करती है? इतनी करती है कमाई
Shehla Rashid: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की पूर्व स्टूडेंट रह चुकी और एक्टिविस्ट शेहला राशिद इस समय काफी ज्यादा चर्चा का विषय बनी।साल 2019 के राजद्रोह के एक मामले में जहां उन्हें राहत मिल चुकी है तो अब वो पर्सनल लाइफ में भी काफी आगे बढ़ चुकी हैं। आज हम आपको बताने वाले हैं उनकी एजुकेशन क्वालीफिकेशन और पोलिटिकल करियर के बारे में।

कौन हैं शेहला राशिद?
जानकारी के लिए आपको बता दें कि शेहला राशिद जम्मू कश्मीर के हब्बा कडाल की रहने वाली है। उनका जन्म 30 अप्रैल 1990 को हुआ और कश्मीर से ही उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है। उनके पिता का नाम अब्दुल राशिद शोरा है। उनकी मां को लेकर कोई खास जानकारी नहीं है लेकिन बताया जाता है कि उनकी मां एक नर्स है।
शेहला राशिद बचपन से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी रही है और श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक किया हुआ है। इसके बाद में कुछ वक्त तक उन्होंने HCL टेक्नोलॉजी में जब भी किया। लेकिन जल्दी ही इस जॉब से वह ऊब गई थी और इसके बाद में उन्होंने एक बार फिर से अपनी पढ़ाई शुरू की।
जेएनयू में लिया ऐडमिशन
शेहला राशिद ने इसके बाद में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली में एडमिशन ले लिया था। जहां से उन्होंने सोशियोलॉजी में एमए और फिर कानून से लेकर प्रशासन में एमफिल और पीएचडी की थी। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ सोशल एक्टिविज्म में भी काम किया। साल 2010 में उन्होंने कश्मीर में यूथ लीडरशिप प्रोग्राम को लेकर एक प्रोग्राम शुरू किया था।
शेहला राशिद पहली बार तब चर्चा में आई थी जब साल 2015 में जेएनयू छात्रसंघ उपाध्यक्ष का चुनाव जीता था। इसके बाद में साल 2016 में उन्होंने कथित तौर पर जेएनयू में देश विरोधी नारे भी लगा दिए थे और वह काफी चर्चा में आई थी। लेकिन उन्हें इस मामले में किसी भी खास तरीके की कार्यवाही का सामना नहीं करना पड़ा था।
राजनीति में आजमाया हाथ
शेहला राशिद ने राजनीति में भी हाथ आजमाया है। दरअसल वो पहले जम्मू कश्मीर की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी नेशनल कांफ्रेंस गई थी। लेकिन यह भी उनको कुछ खास भय नहीं और फिर उन्होंने IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हुए शाह फैसल की पार्टी जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट ज्वाइन कर लिया था। उन्होंने पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाई थी। इसके बाद में उन्होंने राजनीति छोड़ दी।
असिस्टेंट प्रोफेसर बन चुकी है शेहला राशिद
खबरों के अनुसार शेहला राशिद इस समय जम्मू कश्मीर यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर बन चुके हैं। साल 2024 में उनकी नियुक्ति हुई थी। वह एक वक्त पर केंद्र सरकार की कट्टर आलोचक रह चुकी हैं। लेकिन अब वह जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर सरकार की खूब तारीफ भी करती हैं। CAA के मामले पर भी केंद्र सरकार के खिलाफ होने के प्रदर्शन किया था।


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