ताज होटल में ऐसे बैठना है मना, कोल्हापुरी चप्पल पर भी जताई आपत्ति, महिला को दी ऐसी सीख कि फूटा लोगों का गुस्सा

Viral Video: YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा (Shradha Sharma) हाल ही में एक विवाद के कारण चर्चा में आ गई हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के ताज होटल (Taj Hotel) में उनके साथ बदसलूकी की गई।
श्रद्धा का कहना है कि होटल के फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट 'हाउस ऑफ मिंग (House of Ming)' में उन्हें सिर्फ इसलिए शर्मिंदा किया गया क्योंकि वे कुर्सी पर पद्मासन (Padmasana) मुद्रा में बैठी थीं।
श्रद्धा शर्मा ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
श्रद्धा ने इस घटना का वीडियो और एक्सपीरिएंस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि यह घटना दिवाली के दिन की है, जब वे अपनी बहन के साथ डिनर करने गई थीं। श्रद्धा ने लिखा- 'मैं एक आम इंसान हूं, अपनी मेहनत से कमाए पैसों से ताज होटल में खाने गई थी। लेकिन वहां मुझे सिर्फ इसलिए शर्मिंदा किया गया क्योंकि मैं पद्मासन में आलती-पालती मारकर बैठी थी। क्या अब ताज होटल मुझे सिखाएगा कि कैसे बैठना है?'
मैनेजर ने दिए अजीब लॉजिक
श्रद्धा के मुताबिक, होटल के मैनेजर ने उनसे कहा कि कुछ दूसरे मेहमानों को उनके बैठने का तरीका पसंद नहीं आया। इतना ही नहीं, मैनेजर ने उनके कपड़ों (सलवार-कमीज) और जूते (कोल्हापुरी चप्पल) पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा- 'यह फाइन डाइनिंग जगह है, यहां अमीर लोग आते हैं, इसलिए आपको बंद जूते पहनने चाहिए और पैर नीचे रखकर बैठना चाहिए।'
श्रद्धा ने जवाब में लिखा- 'मैं जो पहनती हूं, वो अपनी मेहनत के पैसों से खरीदती हूं। क्या कोल्हापुरी चप्पल पहनना गलत है? क्या पद्मासन में बैठना अपराध है? यह मेरे आराम करने का तरीका है।'
रतन टाटा के नाम भी लिखा मैसेज
श्रद्धा ने यह भी लिखा कि उन्हें रतन टाटा से बहुत प्रेरणा मिली है, जो कभी उनके स्टार्टअप में इनवेस्टर रहे थे। लेकिन इस घटना ने उन्हें बहुत दुखी और निराश किया।
होटल की चुप्पी और सोशल मीडिया पर बहस
इस पूरे मामले में अभी तक ताज होटल की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। लेकिन श्रद्धा का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
कई लोगों ने श्रद्धा को सपोर्ट किया और कहा कि भारतीय संस्कृति और आसनों पर शर्म करने की जरूरत नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने होटल का पक्ष लेते हुए कहा कि सार्वजनिक जगहों पर सफाई और आदर का ध्यान रखना जरूरी है।
लोगों की राय
एक यूजर ने लिखा- 'पद्मासन समस्या नहीं है, समस्या है वह मानसिकता जो पश्चिमी तौर-तरीकों को सभ्यता की पहचान मानती है।' दूसरे यूजर ने कहा- 'मैडम, जिस कुर्सी पर आपने पैर रखे, उस पर अगला गेस्ट बैठेगा। यह आपका घर नहीं है, हाइजीन का ध्यान रखना भी जरूरी है।' वहीं एक अन्य यूजर ने श्रद्धा के सपोर्ट में लिखा- 'आप बहुत ही ग्रेसफुल लग रही थीं। आराम से बैठने में क्या बुराई है? अजीब तो वो सोच है जो कंफर्ट को असभ्यता समझती है।'
यह घटना सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस का कारण बन गई है। क्या भारतीय तरीके से बैठना किसी होटल के शिष्टाचार के खिलाफ है, या फिर यह हमारी संस्कृति को नीचा दिखाने वाली सोच का नतीजा है?


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