वृंदावन में मुस्लिम शख्स की 'स्पेशल मुलाकात', Premanand Maharaj ने दिया ये सब, लोग भी हुए हैरान!

Muslim man meets Premanand Maharaj: वृंदावन के फेमस धार्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज के वीडियोज अक्सर सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं। वो अक्सर लोगों को ज्ञान देते हुए नजर आते हैं और साथ ही लोगों को धर्म के रास्ते पर चलने के लिए कहते हैं। लेकिन क्या होगा जब प्रेमानंद से मिलने पहुंच जाए एक मुस्लिम व्यक्ति?
मुस्लिम शख्स का दावा
एक मुस्लिम शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उस शख्स ने दावा किया है कि वो प्रेमानंद जी महाराज से मिला है और उस शख्स ने ये भी बताया कि प्रेमानंद जी ने उस शख्स से कैसा व्यवहार किया। जो वीडियो सामने आया है, उसमें वो शख्स कहता नजर आ रहा है कि 'मैं उनसे मिला, मेरा ये सौभाग्य है। उसके बाद बाबाजी ने मुझे कुछ पैसे भी दिए। कितने पैसे दिए ये नहीं बोलूंगा... लेकिन अच्छे खासे पैसे दिए थे और बोले कि लंबा सफर है और मालिक आप पर कृपा करें।'
वीडियो में कही ये बात
इसके बाद उस शख्स ने दावा करते हुए कहा कि 'उन्होंने मुझे पैसों के साथ प्रसाद भी दिया। आपको हैरानी होगी कि उन्होंने मुझे बहुत हेल्दी प्रसाद दिया। उसमें पूरे ड्राई फ्रूट्स हैं। वहां पर लोग मेरे हाथ में प्रसाद देखकर और दो-दो शॉल देखकर लोग मुझसे बोल रहे हैं कि आपको इसका मतलब पता है क्या? मुझे तो इतना मालूम नहीं था। मेरे और बाबाजी की जो बात हुई थी, वो वहां पर रिकॉर्ड है।' अब इस शख्स का दावा सच्चा है या झूठा इस बात का पता नहीं लग पाया है।
प्रेमानंद जी महाराज के बारे में
प्रेमानंद जी महाराज का असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था, और उनका जन्म कानपुर (उत्तर प्रदेश) के सरसौल के अखरी गांव में हुआ था। उनके माता-पिता, शंभू पांडे और रामा देवी, भक्ति और संतों के प्रति श्रद्धा रखते थे, और उनके घर पर अक्सर भक्ति-भावपूर्ण वातावरण रहता था।
सिर्फ 13 साल की उम्र में ही उन्होंने गृहस्थ त्यागकर संन्यास व आध्यात्मिक साधना की राह चुनी। उन्होंने नैष्ठिक ब्रह्मचारी की दीक्षा ली और संस्कार के अनुसार नाम बदलकर पहले आनंदस्वरूप ब्रह्मचारी, फिर स्वामी आनंदाश्रम रखा गया। शुरुआती साधना का समय उन्होंने वाराणसी के घाटों (जैसे तुलसी घाट) पर गंगा स्नान और ध्यान में बिताया।
महाराज जी बाद में वृंदावन आए और वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज (Varaha Ghat) में रहते हैं, जहां वे भक्तों को सत्संग और भक्ति-प्रवचन प्रदान करते हैं। भक्तों की मान्यता है कि वे बिना किसी आडंबर या दिखावे के, सरल, स्वच्छ और स्पष्ट भक्ति का मार्ग दिखाते हैं।


Click it and Unblock the Notifications