Vaibhav Suryavanshi Income & Net Worth: हर ब्रांड की वैभव पर नजर, 15 साल की उम्र में खड़ा किया करोड़ों का खेल
Vaibhav Suryavanshi Income & Ne Worth: क्रिकेटर्स की कमाई और लग्जरी लाइफस्टाल से तो सभी वाकिफ हैं। आज हम आपको एक 15 साल के जबरदस्त प्लेयर के बारे में बताने जा हैं जो क्रिकेट का बल्ला लेकर करोड़ो में खेल रहा है। हम बात कर रहे हैं उभरते हुए चमकते सितारे वैभव सूर्यवंशी की।

15 साल की उम्र में करोड़ों का खेल
15 साल की उम्न में जब बच्चे स्कूल और होम वर्क की जद्दोजहद में फंसे होते हैं तो इस उम्र में वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट के मैदान में दुनिया के बड़े-बड़े और दिग्गज गेंदबाजों की बखिया उधेड़ रहे हैं। आईपीएल में उनके बल्ले ने जो गदर मचाया है, उसकी गूंज पूरे क्रिकेट जगत में सुनाई दे रही है।
वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू
दिलचस्प बात ये है कि पूरे टूर्नामेंट में 240 से ज्यादा के हैरान करने वाले स्ट्राइक रेट से 680 रन कूटकर सूर्यवंशी न केवल इस सीजन के टॉप स्कोरर बने हैं, बल्कि क्रिकेट फैंस से लेकर खेल विशेषज्ञों के दिलो-दिमाग पर भी छा गए हैं। इस परफॉर्मेंस का सीधा असर उनकी कमाई और ब्रांड वैल्यूज पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
वैभव सूर्यवंशी की बैट स्पॉन्सर से कमाई
'क्रिक ब्लॉगर' की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी बैट स्पॉन्सर से सालाना 50 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं। उनके मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट में एक खास क्लॉज भी शामिल है, जो उन्हें किसी बेहतर और बड़े ऑफर के मिलने पर इस डील से बाकायदा बाहर निकलने की आजादी भी देता है।
वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल
आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है। उनका मौजूदा बैट स्पॉन्सरशिप अनुबंध समाप्ति के करीब है, जिसके चलते कई बड़ी कंपनियां उन्हें अपने साथ जोड़ने की होड़ में शामिल हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैभव को बैट स्पॉन्सरशिप के लिए करीब 12 करोड़ रुपये सालाना तक के प्रस्ताव मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, एक प्रमुख प्रायोजक ने उन्हें आकर्षित करने के लिए 'ब्लैंक चेक' जैसा प्रस्ताव भी दिया है, जिससे उनकी बढ़ती लोकप्रियता और बाजार में मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है।
करोडों की डील
क्रिकेट स्पॉन्सरशिप बाजार में आमतौर पर बल्ला बनाने वाली कंपनियां खिलाड़ियों को अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की डील ऑफर करती हैं, जिसमें बड़ा हिस्सा प्रदर्शन-आधारित बोनस का होता है। वहीं, उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब बड़े टायर ब्रांड इस क्षेत्र में उतरते हैं तो निवेश का स्तर काफी बढ़ जाता है। यही वजह है कि वैभव के लिए चल रही प्रतिस्पर्धा में भी टायर कंपनियां सबसे आगे बताई जा रही हैं, जिन्होंने उनकी बैट ब्रांडिंग डील को नए स्तर पर पहुंचा दिया है।


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