Honeymoon Photos: दो सगे भाईयों के साथ शादी के बाद हनीमून पर सुनीता चौहान, तीने ऐसे ले रहे हैं मजे, एक साथ ही.

Honeymoon Photos: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में दो सगे भाइयों द्वारा एक ही युवती से शादी करने का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने सुनीता चौहान से विवाह किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। अब तीनों की मंदिर यात्रा की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वे एक साथ घूमते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हुई एक शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां दो सगे भाइयों, प्रदीप नेगी और कपिल नेगी, ने कुछ दिन पहले सुनीता चौहान नाम की एक युवती से एक साथ शादी रचाई। इस अनोखी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। जहां एक तरफ इस विवाह को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए, वहीं कई लोगों ने इसका समर्थन भी किया। उनका कहना था कि यह हाटी समुदाय की एक पुरानी परंपरा है। अब इन तीनों की कुछ और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें दोनों भाई अपनी नई दुल्हन के साथ सैर पर निकले नजर आ रहे हैं।
नई दुल्हन की दोनों पतियों संग तस्वीरें
दोनों भाई अपनी नई नवेली दुल्हनिया के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं। ये फोटोज किसी मंदिर परिसर के पास ली गई हैं। लोगों का कहना है कि शादी के बाद तीनों मंदिर में दर्शन करने गए थे और ये तस्वीरें उसी दौरान की हैं। तस्वीरों में सुनीता अपने दोनों पतियों के साथ अलग-अलग पोज देती दिख रही हैं। इस मौके पर सुनीता ने नीले रंग का सूट पहन रखा है, जबकि दोनों भाइयों ने सफेद शर्ट पहनी हुई है। एक फोटो में सुनीता ने सिर पर दुपट्टा ओढ़ रखा है, जो मंदिर परिसर में ली गई है। वहीं दूसरी तस्वीर एक पेड़ के सामने खिंचवाई गई है।
क्या होता है बहुपति विवाह?
हाटी समुदाय में बहुपति विवाह की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस रिवाज़ के अनुसार, एक महिला एक से अधिक भाइयों से विवाह कर सकती है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य पारिवारिक एकता बनाए रखना और संपत्ति के बंटवारे को रोकना बताया जाता है।इस तरह के विवाह को 'जोड़ीदारा विवाह' कहा जाता है। इसमें बारात दुल्हन के घर नहीं जाती, बल्कि दूल्हों के घर आती है। यह शादी 'रमलसार पूजा' और 'सिन्ज' रस्म के तहत बिना फेरों के संपन्न होती है।हालांकि सांस्कृतिक रूप से यह विवाह मान्यता प्राप्त है, लेकिन कानूनी रूप से इसकी वैधता पर सवाल उठते हैं। हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 5 के अनुसार, केवल एक पति और एक पत्नी के बीच ही विवाह को मान्यता दी जाती है।


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