Success Story: कौन हैं मोइन मंसूरी? तंगी में खोला साइबर कैफे, लोन लेकर की पढ़ाई, अब IAS बनकर रचा इचिहास..
Success Story: देश में कई ऐसे उदाहरण हैं जिनको देखकर आपको हिम्मत मिलती है और बुरा वक्त जरूर टलता है ये भरोसा मिलता है। एक ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आई है जिसमें मोइन अहमद मंसूरी ने कुछ ऐसा करके दिखाया है जो कि आपको हैरान करने के लिए काफी है।

बता दें कि मोइन ने UPSC परीक्षा पास कर IAS (2023 बैच, पश्चिम बंगाल कैडर) का मुकाम हासिल किया है। इसके पीछे की कहानी जानकर आपको यकीन हो जाएगा कि अगर मेहनत पूरी शिद्दत से की जाए तो बुरा वक्त भी ज्यादा दिन नहीं टिकता है।
साइबर कैफे खोला, लिया लोन
ये बात साल 2018 की है जब मोइन ने साइबर कैफे खोला था क्योंकि उनके पास पैसे की बहुत तंगी थी। इस कैफे में उनका साथ भाई देता था। इस दौरान वो दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे और इसके लिए करीब 3 लाख रुपये का लोन लिया था। आधे पैसे साइबर कैफे से लिए और आधे दादा के किसान क्रेडिट कार्ड से लिए थे।
हालांकि मोइन ने पहले तीनों प्रयासों में प्रिलिम्स भी पास नहीं किया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके आगे वो कोशिश करते रहे और अपने चौथे प्रयास में ऑल इंडिया 296वीं रैंक (AIR 296) हालिस करते सफलता का ऐलान कर दिया। उनकी जो भी जमा पूंजी थी वो तैयारी करने में ही खत्म हो गई थी। इसके बाद उनकी मदद 'अतिया फाउंडेशन' ने की थी। अब वो किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।
ड्राइवर हैं पिता
मोइन ने आईएएस बनकर पूरे परिवार को गर्व महसूस करवाया है। उनके पिता एक ड्राइवर हैं इसी से घर का खर्च चलाते रहे हैं। मोइन ने बीते 4 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी सदर में नए SDM और SDO रूप में जिम्मेदारी संभाली है। लोग उनको लगातार बधाइयां दे रहे हैं और उनके सफल करियर की कामना कर रहे हैं। मोइन की कहानी काफी प्रेरणा देने वाली है।


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