'मनुस्मृति भारत का पहला संविधान है..' रामभद्राचार्य का विवादित बयान, लपेटे में आए भीमराव अंबेडकर

Rambhadracharya on Constitution- जगद्गुरु रामभद्राचार्य अक्सर सुर्खियों में रहते हैं और ऐसा कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर उनके बयान वायरल होते रहते हैं। इस वक्त कुछ ऐसा हुआ है कि रामभद्राचार्य मुश्किलों में घर सकते हैं।
दरअसल अब बाबा जी ने भीमराव अंबेडकर और संविधान पर विवादित बयान दिया है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और इसमें संविधान को सर्वोपरि माना जाता है।
ऐसे में कोई संविधान और इसके रचयिता पर इस तरह से बात करे तो विवाद होना तय है। एक इंटरव्यू के दौरान रामभद्राचार्य ने मनुस्मृति को भारत का पहला संविधान बताया है और भीमराव अंबेडकर इसका रचयिता मानने से इंकार कर दिया है।
क्या बोले रामभद्राचार्य?
वायरल हो रहे इस वीडियो में रामभद्राचार्य tv9bharatvarsh से बात कर रहे थे और महिला पत्रकार ने पूछा किया आप भारत के संविधान में मानते हैं या मनुस्मृति में? रामभद्राचार्य ने कहा, ''मनुस्मृति भारत का प्रथम संविधान है। और मनुस्मृति में एक भी ऐसा वाक्य नहीं है जो कि भारतीय संविधान के विरुद्ध हो।'' पत्रकार ने फिर पूछा कि, 'जो भारतीय संविधान के निर्माता हैं डॉ भीमराव अंबेडकर..' रामभद्राचार्य ने बीच में ही बात काटते हुए कहा, ''पहली बात आप ये वाक्य वापस लीजिए। वो निर्माता नहीं है, 100 लोगों की कमेटी थी और सबने मिलकर बनाया था वो नहीं बनाए थे। अध्यक्ष से क्या होता है।''
भीमराव अंबेडकर द्वारा मनुस्मृति जलाने वाली बात पर रामभद्राचार्य ने कहा, ''मुझे दुख इस बात का है फिर कह रहा हूं। अगर अंबेडकर साहब को संस्कृत आती होती तो ऐसी गलती ना करते। मनुस्मृति की अंग्रेजी का व्याख्या देखकर उन्होने मनुस्मृति जलाई थी और ये उनकी जिंदगी की बहुत बड़ी गलती थी।'' उनका ये वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है और लोग उनको ट्रोल कर रहे हैं।
भड़क गए लोग
इस वीडियो पर एक यूजर ने लिखा, ''मनुस्मृती मुर्दाबाद... संविधान जिंदाबाद।'' एक ने लिखा, ''मनुस्मृति से ही तो देश में जातीवाद फैला था। आंधाचार्य क्या जाने संविधान के बारे में।'' एक ने लिखा, ''भारतीय संविधान से बढ़कर कोई किताब नहीं है जिसको बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने लिखा है। जिनके आगे सबको झुकना पड़ेगा।'' इस तरह से लोग भड़क रहे हैं। देखिए वीडियो...


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