मां की वजह से संत बनने पर मजबूर हुए प्रेमानंद महाराज, इस कारण बचपन में ही छोड़ दिया था माता-पिता को...
प्रेमानंद महाराज आज देश दुनिया में फेमस हो चुके हैं। हर कोई प्रेमानंद महाराज के आगे नतमस्तक होता है। चाहें कोई गायक हो या कोई खिलाड़ी, कोई राजनेता हो या अभिनेता आम हो या खास हर कोई आज प्रेमानंद महाराज के दिखाए गए रास्ते पर चल रहा है। प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों की वजह से आज देश का युवा भक्ति के मार्ग पर निकल आया है।

आज प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए रोजाना हजारों लोगों की भीड़ जमा होती है। हर कोई प्रेमानंद महाराज के दर्शन पाना चाहता है, लेकिन प्रेमानंद महाराज से मिल पाना सभी के नसीब में नहीं होता है कुछ लोग ही ऐकांतिक वार्ता में शामिल हो पाते हैं और अन्य लोग पदयात्रा में शामिल होते हैं। इंटरनेट पर प्रेमानंद महाराज के पदयात्रा के वीडियो छाए रहते हैं। इसके अलावा प्रेमानंद महाराज के प्रवचन वाले वीडियो तो इंटरनेट पर ट्रे़ंडिंग लिस्ट में बने रहते हैं।
वहीं हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक चौंकाने वाला वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रेमानंद महाराज अपने संत बनने की अनसुनी कहानी को सभी के सामने बताते हैं। वह वीडियो में कहते सुनाई दे रहे हैं कि मेरा है कौन ? जब हम बच्चा थे 13 वर्ष की आयु के थे और स्कूल से आते तो सबसे पहले मां से मिलते थे क्योंकि उनसे सबसे ज्यादा प्यार था। जिस रोग से हम ग्रसित हैं उसी रोग से मां भी थीं यह रोग वंशानुगत चलता रहा। मां को जब बीमार स्थिति में देखते थे तो लगता था कि ये मरेगी। मां मरेगी तो मैं रह कैसे पाऊंगा। मेरा है कौन ? आखिर मेरा जन्म किस लिए हुए है।
स्कूल में जाते तो मायूसी से बैठ जाते। फिर सोचते थे कि पढ़ लिखकर क्या करेंगे रुपया कमाएंगे और रुपये का क्या करेंगे ? भोग भोगेंगे और फिर मर जाएंगे। मन शांत नहीं था। जीवन का उद्देश्य क्या था। फिर समझ आया कि जीवन का उद्देश्य भगवान हैं। ये भगवान मित्र हैं जो कभी भी नहीं बिछड़ते हैं। फिर लक्ष्य बन गया कि भगवत प्राप्ति करनी है और फिर तब से निकल पड़े अपनी राह पर। बता दें कि प्रेमानंद महाराज का ये वीडियो देख उनके भक्त भावुक हो उठे। इंटरनेट पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।


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