प्रेमानंद महाराज ने बताई बचपन की दिल में दबी बात, आखिर क्यों बनना पड़ा 'संत' बोले- जब हम 11 साल के थे तब...

प्रेमानंद महाराज आज हजारों नहीं बल्कि लाखों करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन करते हैं। भले ही सभी लोग प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन ना पहुंच पाते हों, लेकिन प्रेमानंद महाराज के वीडियो देश दुनिया में फैले रहते हैं। उनके दिए गए प्रवचन के वीडियो लोगों की मानसिकता बदल देते हैं। आज देश का युवा भी प्रेमानंद महाराज के दिखाए गए मार्ग पर चल रहा है और अध्यात्म की ओर भी रूख कर रहा है।
करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन करते हैं प्रेमानंद महाराज
बता दें कि प्रेमानंद महाराज के कई वीडियो हैं जो सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं। उनका हर एक वीडियो लोगों का मार्गदर्शन करता है। बता दें कि प्रेमानंद महाराज को प्रवचन देते हुए सालों गुजर गए। प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में कई बार अपने बचपन की भी बातें बताई हैं। हाल ही में उनका एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रेमानंद महाराज अपने बचपन की एक कहानी बताते नजर आते हैं।
16 वर्ष की उम्र में हमें मिला था ये ज्ञान
प्रेमानंद महाराज सालों पुरानी अपनी कहानी बताते हैं। वह कहते हैं कि हमें एक सिद्ध संत ने बताया था। हम उस समय 16 वर्ष की अवस्था के थे। बचपन से घर से निकले 11 वर्ष की अवस्था से...तो उनका नाम सिद्ध बालयोगी था। वह गंगा किनारे रेती पर बैठा करते थे। रात्रि में उनसे मिलने का अवसर मिला। तो उन्होंने पहली जो बात कही वो हमने अपनी डायरी में लिख ली। उन्होंने कहा कि 'बेटा, जो बनना है वो सोचो, जैसा बनना है वैसा सोचो, जैसा सोचोगे वैसा बन जाओगे'। हम संतों की बात पकड़े थे। हम बड़े- बड़े महापुरुषों की बातों के डायरी में लिख लेते थे। और फिर बार-बार पाठ की तरह- 'जो बनना है वो सोचो, जैसा बनना है वैसा सोचो, जैसा सोचोगे वैसा बन जाओगे' यही रटते रहते थे।
प्रेमानंद महाराज का वीडियो देख लोगों के यूं आए कमेंट्स
प्रेमानंद महाराज के इस वीडियो को देख लोगों के जमकर कमेंट्स देखने को मिल रहे हैं। जहां एक यूजर ने कमेंट करते हुए कहा- हां, इसी वजह से आप आज करोड़ों लोगों का मार्गदर्शन कर पा रहे हैं। तो वहीं दूसरे ने लिखा- आपने हमेशा से श्री जी के श्री चरणों की सेवा करनी चाही इसलिए आप आज बनारस में नहीं बल्कि वृंदावन में हैं।


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