सालों बाद बीमार मां को देख रो पड़े प्रेमानंद महाराज, बेटे को सीने से लगाकर बिलख पड़ीं माता, रुला देगा ये क्लिप
वृंदावन के रहने वाले प्रेमानंद महाराज आए दिनों किसी ना किसी वजह से चर्चाओं में बने रहते हैं। अधिकतर लोग प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन जाते हैं और बाबा निशुक्ल भेंट कर लोगों की उलझनों का अंत कर देते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग सिर्फ प्रेमानंद महाराज के बारे में जानने के लिए वृंदावन जाते हैं। कई बार प्रेमानंद महाराज अपने बचपन की और अपने संघर्षों की कहानी अपने भक्तों को सुना चुके हैं, लेकिन इस बार एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से कुछ ऐसा पूछा कि वह खुद इमोशनल हो गए।

प्रेमानंद महाराज को सालों तक ढूंढती रहीं मां...
प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्ता के दौरान एक महिला भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि जब वह घर छोड़कर आए थे तो क्या उनकी मां ने उन्हें ढूंढा था ? तब प्रेमानंद महाराज भावुक हो जाते हैं। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि हां, उनकी मां ने उन्हें काफी ढूंढा था। उनकी मां बहुत भजन करने वाली थीं। मुझे एक सूचना आई कि मेरी मां आ रही है मुझसे मिलने तो फिर हम भागकर ठाकुर जी के मंदिर गए उनसे प्रार्थना की कि मुझे और उसे दोनों के हिम्मत देना। क्योंकि सालों बाद मिल रहे थे। हम उनसे बात कर पाते इतनी भी हिम्मत होनी चाहिए ना।
मां से बोलने पड़े थे कठोर वचन
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि उनकी तो आंसुओं से बात होती है तो उनका सामना करना और बात करना मेरे सामर्थ्य का नहीं। तो जैसे हम बाहर आए और जैसे ही उन्होंने मुझे देखा वह दौड़कर आईं और मुझे गले लगा लिया फिर वह काफी रोने लगीं। मैं तो स्तब्ध हो गया था मैं क्या ही कहता उन्हें देखकर। फिर मैंने उनसे कहा चलो ठीक है अब घर चलो। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि माता पिता से बिछड़ पाना आसान नहीं, लेकिन हमने उनसे कठोर वचन बोले कि हम सतमार्ग पर चल रहे हैं आप जानती हैं कि यह सही मार्ग है। इसके बाद उन्होंने कहा कि चलो जाओ आज के बाद मैं तुम्हारे सामने नहीं आऊंगी भगवान तुम्हारी रक्षा करें। वो स्वर्ग पधार गईं, लेकिन वो हमारे सामने फिर कभी नहीं आईं।


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