एक फोन कॉल और प्रेमानंद महाराज से सीधी होगी बातचीत? आश्रम को लेकर खुला बड़ा राज!
Premanand Maharaj Contact Number: अभी के समय पर सोशल मीडिया पर वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग और विचार खूब वायरल होते हुए नजर आ जाते हैं। देश और विदेश से लाखों लोग उनकी बातें भी सुनते हैं और अपने जीवन की उलझन को सुलझाने के लिए उनसे बात भी करना चाहते हैं। इंटरनेट पर भी काफी सारे लोग सर्च करते रहते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी का फोन नंबर क्या है या फिर उनसे फोन पर कैसे बात हो सकती है? तो आज हम आपको इसकी पूरी ही सच्चाई बताने वाले हैं।

क्या प्रेमानंद महाराज जी से हो सकती है फोन पर बात?
सबसे पहले और जरूरी बात तो यह है कि प्रेमानंद महाराज जी खुद किसी भी तरीके का मोबाइल फोन या फिर सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं। इंटरनेट पर अगर आपको कोई महाराज जी का पर्सनल फोन नंबर देने का दावा करता है तो यह पूरी तरीके से फर्जी है। ऐसे किसी भी झांसे में ना आएं, क्योंकि फोन के जरिए उनसे सीधे बात करने का कोई भी तरीका है ही नहीं।
प्रेमानंद महाराज जी से कैसे हो सकती है?
अगर आपके मन में कोई सवाल है या फिर आप प्रेमानंद जी महाराज के मार्गदर्शन पर चलना चाहते हैं तो इसका सिर्फ एक ही तरीका है कि आपको खुद वृंदावन जाना पड़ेगा। महाराज जी रोज सुबह एक आंतरिक वार्तालाप करते हैं और यहां पर भक्त उनसे सीधे प्रश्न भी पूछ सकते हैं।
क्या है प्रेमानंद महाराज से मिलने की पूरी प्रक्रिया?
सबसे पहले तो आपको वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम जाना होगा और यह परिक्रमा मार्ग पर ही है। इसके बाद प्रेमानंद जी महाराज से पर्सनल बातचीत या प्रश्न पूछने के लिए आश्रम से एक टोकन लेना पड़ेगा।
लेकिन इसके लिए आपको सुबह-सुबह खुद आश्रम जाना होगा और लाइन में लगकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय पर आपके पास में आपका असली आधार कार्ड या फिर कोई भी सरकारी पहचान पत्र होना जरूरी है। महाराज जी की हेल्थ और समय को देखते हुए रोज बहुत ही कम लोगों को टोकन दिया जाता है इसीलिए इसके लिए काफी पहले तैयारी करनी होती है।
कैसे कर सकते हैं प्रेमानंद महाराज के दर्शन?
अगर आप प्रेमानंद महाराज से कोई सवाल नहीं पूछना चाहते हैं और सिर्फ उनके दर्शन करना चाहते हैं तो इसके लिए किसी भी टोकन की कोई भी जरूरत नहीं है। महाराज जी जब अपने निवास स्थान से पद संकीर्तन (रात के समय सड़क पर चलते हुए) जाते हैं तो सड़क के दोनों तरफ खड़े होकर हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा उनके रोजाना के सत्संग में भी शामिल हो सकते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि प्रेमानंद महाराज जी का आश्रम या फिर वहां के लोग किसी भी भक्त से मिलने, दर्शन करने या फिर बात करने के लिए एक भी रुपया नहीं लेता है। इसी वजह से किसी भी बिजोलिया या फिर फ्रॉड व्यक्ति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। अगर महाराज जी से आप जोड़ना चाहते हैं तो उनके बताए गए रास्तों और नियमों का पालन करते हुए वृंदावन जाना चाहिए।


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