जब प्रेमानंद जी महाराज ने कहा- 'मैं साधु बनूंगा', पिता ने दिया ऐसा जवाब और साथ ही रखी ऐसी शर्त जिसे आज भी...

Premanand Ji Maharaj On His Father: श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज, जिन्हें लोग प्रेमानंद जी महाराज के नाम से भी जानते हैं, आज के समय में भारत के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं। उनकी वाणी, भक्ति और सरल जीवनशैली ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है।
सोशल मीडिया पर भी प्रेमानंद जी महाराज की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम से लेकर यूट्यूब तक उनके मिलियन में फॉलोवर्स औ सब्सक्राइबर्स हैं। इन सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर उनके प्रवचन सुनने को मिलते हैं। उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स 'भजन मार्ग' नाम से हैं, क्योंकि वह हर प्रवचन में लोगों को 'भजन मार्ग' अपनाने की सलाह देते हैं।
मशहूर हस्तियां भी हैं उनके भक्त
प्रेमानंद जी महाराज की लोकप्रियता केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है। कई बड़े सितारे भी उनसे मिलने आते हैं। इनमें विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, हेमा मालिनी, रवि किशन, द ग्रेट खली, मोहन भागवत, बी प्राक, रतन राजपूत और ऋतु राठी जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी महाराज जी से जीवन से जुड़े अपने प्रश्नों के उत्तर और शांति की तलाश में मिलने पहुंचे थे।
हर धर्म का करते हैं सम्मान
प्रेमानंद जी महाराज की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यह भी है कि वह हर धर्म का सम्मान करते हैं। वह कभी किसी को धर्म बदलने की सलाह नहीं देते। उनकी बातें सच्चाई और अनुभव पर आधारित होती हैं, यही कारण है कि Gen-Z (नौजवान पीढ़ी) भी उन्हें सुनना पसंद करती है।
बचपन से ही था अध्यात्म से जुड़ाव
प्रेमानंद जी महाराज का जन्म 1972 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसौल ब्लॉक के एक छोटे से गांव में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था। कम लोगों को पता है कि उनके दादा भी एक संन्यासी थे, जिन्होंने महाराज जी के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। इसी वजह से उन्होंने जीवनभर ब्रह्मचर्य और भक्ति का मार्ग अपनाया।
पिता के साथ भावुक प्रसंग
कुछ समय पहले प्रेमानंद जी महाराज ने अपने पिता श्री शंभू पांडे जी से जुड़ी एक भावुक याद सोशल मीडिया पर साझा की थी। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में वह एक बार घर से भाग गए थे। तीन दिन बाद उनके पिता ने उन्हें ढूंढ निकाला। महाराज जी ने बताया कि उस वक्त उन्हें डर था कि पिता डांटेंगे, लेकिन हुआ उल्टा। जब पिता ने उन्हें घर चलने को कहा, तो उन्होंने मना करते हुए कहा- 'हमारी ये जिंदगी भगवान के नाम है, हम ना घर जाएंगे, ना आपकी बात मानेंगे।' यह सुनकर पिता ने उन्हें गले लगाया और 'जय श्रीराम' का नाम तीन बार लिया। फिर आशीर्वाद देते हुए बोले- 'जाओ, अगर तुम असली साधु बनोगे, तो जहां भी बैठोगे वहां फूलों की वर्षा होगी, पर अगर किसी की बहन-बेटी पर गलत नजर डाली, तो भगवान भी माफ नहीं करेगा।' इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने वचन दिया कि वह जीवनभर ब्रह्मचर्य का पालन करेंगे और कभी भी उस पवित्र मार्ग से नहीं हटेंगे।
पिता का आशीर्वाद और सफलता का मंत्र
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि उनके पिता ने जो आशीर्वाद दिया, वही उनके जीवन का सबसे बड़ा वरदान बन गया। उनका मानना है कि- 'जब इंसान किसी अच्छे काम के लिए आगे बढ़ता है, तो ईश्वर खुद रास्ते को आसान बना देते हैं।'


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