..................... PCS Success Story: Dehradun's tiffin delivery girl Meenakshi Bhatia became SDM, - Hindi Filmibeat

Success Story: घर-घर टिफिन सर्विस देने वाली डिलिवरी गर्ल बनी SDM, मीनाक्षी भाटिया की कहानी कर देगी हैरान

PCS Success Story: कहते हैं कि जीवन के अंधकार को सिर्फ शिक्षा से ही खत्म किया जा सकता है और इसका जीता जागता उदाहरण एक बार फिर से आपके सामने आए हैं। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड की मीनाक्षी भाटिया की जिन्होंने पीसीएस परीक्षा पास करके दिखा दिया कि चाहत है तो इंसान क्या कर सकता है।

Success Story

बता दें कि मीनाक्षी घर घर जाकर टिफिन देती थीं। इसके अलावा मीनाक्षी की बहन भी ऑफिसर बनी है। दोनों की कहानी जानकर लोगों में खुशी है और टिफिन सर्विस के साथ साथ हार ना मानना वाली मीनाक्षी ने वो कर दिखाया जिसका सपना हर एक युवा देखता है।

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मीनाक्षी अब एसडीएम हैं और उनकी बहन शिल्पा भी कामयाब हैं। मीनाक्षी और उनकी बहन शिल्पा ने भी पीसीएस की परीक्षा पास की थी। दोनों काफी मेहनत करती थीं और पैदल यात्रा करके टिफिन देती थीं।

ऐसी है दोनों बहनों की कहानी

मीनाक्षी भाटिया ने इस वक्त परीक्षा पास करते हुए एसडीएम का पद हासिल किया है। उनकी बहन पहले ही पीसीएस की परीक्षा पास कर चुकी है और वो सांख्यिकी अधिकारी के पद है। बता दें कि दोनों बहनों की मां टिफिन सर्विस चलाती थीं और पढ़ाई के साथ साथ दोनों बहनें अपनी मां का हाथ भी बटाती थीं। दोनों टिफिन खुद देने जाती थीं और शुरु में तो पैदल ही दोनों मिलकर होम डिलिवरी करती थीं। कुछ समय के बाद बजट अच्छा हुआ तो एक स्कूटी ले ली गई। बता दें कि मां खाना बनाती थी और ये दोनों उसको बांटती थीं। किसने सोचा था कि घर घर जाकर लोगों को टिफिन देने वाली मीनाक्षी एसडीएम बन जाएगी। दोनों के घर पर जश्न का माहौल है और उत्तराखंड में इस कहानी को लेकर काफी पसंद कर रहे हैं।

डेढ़ साल की थीं जब पिता ने कहा दुनिया को अलविदा

मीनाक्षी और शिल्पा को मां ने ही पाला है। जब मीनाक्षी डेढ़ साल की थीं तो उनके पिता का देहांत हो गया था। ये साल 2003 था जब पिता उनको छोड़कर हमेशा के लिए चले गए थे। उनके पिता आईएसबीटी ऋषिकेश में एक छोटी सी दुकान चलाकर उनका भरण पोषण करते थे। इसके बाद बेसहारा मां ने टिफिन सर्विस शुरु की और बच्चियों को पढ़ा लिखाकर इस मुकाम तक पहुंचाया।

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