कुमार विश्वास के बाद अब पत्नी की भी गई नौकरी, हर महीने मंजू शर्मा छाप रही थी इतने लाख, जानिए एजूकेशन

Kumar Vishwas Wife Manju Sharma Resignation: कवि कुमार विश्वास हर किसी ना किसी मुद्दे के लेकर सुर्खियों में बने ही रहते हैं। कभी अपने बयानो को लेकर को कभी विवादों को लेकर। कभी लग्जरी लाइफ को लेकर तो कभी शायरी को लेकर। अब बेटी की शादी के बाद कुमार विश्वास पत्नी की नौकरी को लेकर चर्चाओं में आ गए हैं। दरअसल, कविराज की पत्नी मंजू शर्मा ने स्वेच्छा से बढ़े सरकारी पदाधिकारी की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इसका कारण भी काफी हैरान करने वाला है।
कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है। आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में मंजू शर्मा ने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उनकी सैलरी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में हम आपके लिए सभी बातों की डिटेल जानकारी लेकर आए हैं।
मंजू शर्मा ने इस्तीफे में कही ये बात
मंजू शर्मा ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि हमारे खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई प्रकरण लंबित नहीं है। मैं कोई जांच का सामना नहीं कर रही। मैं किसी भी मामले में अभियुक्त भी नहीं हूं। इसके बाद भी मैंने सार्वजनिक जीवन की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया हैं।
डॉ. शर्मा ने साफ किया कि उनके खिलाफ कोई मामला लंबित नहीं है। वे किसी भी जांच के दायरे में नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे वाले पत्र में लिखा है कि मैं चाहती हूं कि मेरी पहचान हमेशा ईमानदारी और पारदर्शिता से जुड़ी रहे। इसलिए, मैंने अपने पद से इस्तीफा देना उचित समझा।
मंजू शर्मा की सैलरी
आरपीएससी सदस्यों और अध्यक्ष का वेतनमान निर्धारित किया गया है। अध्यक्ष को करीब दो लाख 25 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। वहीं, आरपीएससी सदस्यों का मासिक वेतन करीब दो लाख 5 हजार रुपये है। इसमें मूल वेतन के साथ डीए, एचआरए और अन्य अलाउंस शामिल होते हैं। इससे कुल वेतन बढ़ता है। आरपीएससी सदस्यों को मेडिकल बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
कितनी पढ़ी लिखी है मंजू शर्मा
मंजू शर्मा पीएचडी स्कॉलर और पेशे से प्रोफेसर हैं। उनकी एकेडमिक एक्सीलेंस ने उन्हें राजस्थान के सबसे प्रभावशाली संवैधानिक निकायों में से एक राजस्थान पब्लिक सर्विस तक पहुंचाया। मंजू ने भूगोल से एमए और पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
क्या है पूरा मामला
राजस्थान हाई कोर्ट से सोमवार को एसआइ भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामू राम राईका सहित 23 आरोपितों को जमानत मिल गई। इनमें प्रशिक्षु एसआइ, डमी कैंडिडेट और पेपर खरीदने वाले शामिल हैं। न्यायालय ने 30 आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने कहा कि आरोपित लंबे समय से जेल में हैं और अब उन्हें जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है।
इस भर्ती परीक्षा में कई गड़बड़ियां देखने को मिली थीं। इसमें नकल के साथ ही कई डमी कैंडिडेट की बैठने की खबर सामने आई थी। परीक्षा में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद सरकार ने एसओजी को इसकी जांच करने का जिम्मा दिया था। एसओजी जांच में डमी कैंडिडट होने की बात सच हुई है इसके बाद 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के दो सहित सहित कुल 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भर्ती रद्द का फैसला जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ द्वारा सुनाया गया।


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