शादी से पहले क्यों होता है कुआं पूजन? दूल्हा बनकर मां के साथ पूजा करते दिखे इंद्रेश उपाध्याय, वीडियो वायरल

Indresh Upadhyay Kuan Pujan: वृंदावन के मशहूर कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय को लेकर इस वक्त चर्चा है और उनकी शादी हो रही है। बाराज लेकर इंद्रेश उपाध्याय जयपुर जाएंगे जहां पर उनकी शादी शिप्रा से होगी। लेकिन इस बीच कुछ वीडियोज इंद्रेश उपाध्याय की तरफ के वायरल हो रहे हैं।
इंद्रेश उपाध्याय को अपनी मां के साथ कुआं पूजन करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान वो दूल्हा बने नजर आ रहे हैं। इससे इतना तो तय है कि इंद्रेश उपाध्याय बारात लेकर निकलने वाले हैं।
लेकिन इस वीडियो के सामने आते ही लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठे हैं कि आखिर ये कुआं पूजन क्या है? ये क्यों होता है? जानिए क्या है इसके पीछे का कारण कि कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय को भी करनी पड़ी ये रस्म..
क्यों होता है कुआं पूजन?
ये रस्म खासकर यूपी और बिहार में निभाई जाती है। बारात निकलने से पहले दूल्हा कुआं पूजन करता है। ऐसी मान्यता है कि कुआं पूजन करने से विवाह को सफल और सुखी बनाने के लिए मदद मिलती है। ऐसा करके जल तत्व का सम्मान किया जाता है। ये पूजन करने के लिए दूल्हा बारात निकलने से पहले कुएं पर पहुंचता है और इस दौरान उसका परिवार भी साथ में होता है। दूल्हा सूप में हल्दी, चावल, बताशे के अलावा कई और चीजें लेकर कुआं पूजन करता है। पूजा के साथ साथ कुएं की परिक्रमा भी होती है और दूल्हा सींक को कुएं में डालता है। जब ये पूरी पूजा खत्म हो जाती है तो तेल के कटोरे में दूल्हा अपने प्रतिबिंब देखता है।
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी जयपुर के मशहूर होटल ताज से होने वाली है। इस जलवे को देखकर लोग हैरान हैं। देखने वाली बात होगी कि उनकी होने वाली पत्नी शिप्रा का दुल्हन लुक कब सामने आता है। फिलहाल शादी नहीं हुई है और इसके लिए उनके समर्थकों को 5 दिसंबर का इंतजार करना पड़ेगा।


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