अमेरिका में 73 साल की बुजुर्ग के साथ बदतमीजी, किया गिरफ्तार, फिर बिना बताए भेजा भारत, जानिए पूरा किस्सा!

Illegal immigration deportation USA: अमेरिका में इस समय अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो रही है। भारत के भी कई अवैध प्रवासी वहां से वापस भेजे जा रहे हैं। इसी बीच एक मामला सामने आया है, जिसकी वजह से अमेरिका की नीतियों की हर जगह थू-थू हो रही है।
73 साल की बुजुर्ग महिला को किया डिपोर्ट
हरजीत कौर जो एक 73 साल की भारतीय महिला हैं, वो पिछले 30 साल से अमेरिका में रह रही थीं। उन्हें अचानक हिरासत में लेकर अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया, जिससे अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं।
33 साल पहले आईं थी अमेरिका
हरजीत ने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत से काम किया, ईमानदारी से सभी टैक्स भरे और इमिग्रेशन नियमों को भी पूरा किया, लेकिन फिर भी उन्हें भारत वापस जाना पड़ा। वो पंजाब के तरनतारन जिले के पंगोटा गांव की रहने वाली हैं। करीब 33 साल पहले वे अपने दो बेटों के साथ अमेरिका गई थीं। उनके पति अब नहीं रहे। हरजीत सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में बार्कले के एक कपड़ों की दुकान में काम करती थीं। इस साल जनवरी में घुटनों की सर्जरी के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
बिना जानकारी किया डिपोर्ट
8 सितंबर को इमिग्रेशन के चेक-इन के दौरान उन्हें अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें मेसा वर्दे इमिग्रेशन सेंटर ले जाया गया और बिना किसी इनफॉर्मेशन के अचानक अमेरिका से भारत डिपोर्ट कर दिया गया। उनके परिवार और वकील को बाद में इसकी जानकारी हुई।
उनके वकील दीपक आहलूवालिया ने कहा कि 73 साल की बुजुर्ग महिला के साथ इस तरह का बर्ताव गलत है, खासकर तब जब उनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।
ढंग का खाना नहीं दिया, नहाने भी नहीं दिया
हरजीत ने बताया कि हिरासत में उन्हें वक्त पर दवा और ठीक खाना नहीं मिला। कई बार उन्हें सिर्फ चीज़ सैंडविच दिया गया, जिसे वो खा नहीं सकती थीं क्योंकि उनके नकली दांत थे। शिकायत करने पर गार्ड ने कहा कि ये उनकी गलती है। उन्हें बिस्तर नहीं मिला और न ही नहाने की परमिशन थी। सिर्फ गीले वाइप्स दिए गए जिनसे वे खुद को साफ कर पाईं।
हरजीत को 132 और लोगों के साथ जॉर्जिया से आर्मेनिया होते हुए भारत भेजा गया। उनकी उम्र को देखते हुए उनकी हथकड़ी नहीं लगाई गई। अब वह दिल्ली से मोहाली अपनी बहन के साथ रह रही हैं।
परिवार करेगा केस
हरजीत ने इमोशनल होकर कहा, "मैं अपने घर तक नहीं जा सकी, अपनी चीजें भी नहीं ले पाई। जो कुछ था, वहीं छोड़कर आना पड़ा। ऐसे डिपोर्ट होना तो मौत से भी बदतर है।" उन्होंने उन लोगों का भी दुख जताया जिन्होंने अमेरिका जाने के लिए अपनी जमीन बेच दी, लेकिन अब खाली हाथ लौट रहे हैं। उनका परिवार इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।


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