IAS Story: ना कोचिंग, ना रिजर्वेशन, ना बहाना... शरीर का ये अंग काम नहीं करता था, फिर भी बनीं IAS, 4 महीनों...
IAS Saumya Sharma Success Story: कई बार जिंदगी ऐसे-ऐसे इम्तिहान लेती है कि इंसान अंदर से टूट जाता है। लेकिन कुछ लोग लहरों के खिलाफ तैरकर अपनी मंजिल को पा लेते हैं और अपनी मुश्किलों को ही अपनी ताकत बना लेते हैं। IAS सौम्या शर्मा की कहानी ठीक ऐसी ही है। जिनके साथ 16 साल की उम्र में एक हादसा हुआ, जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

सौम्या शर्मा जब सिर्फ 16 साल की थीं, तभी उन्हें इस बात का एहसास होने लगा कि उनकी सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो रही है। यह किसी भी इंसान के लिए एक बेहद कठिन दौर हो सकता है। उनके माता-पिता, जो पेशे से डॉक्टर हैं, उन्होंने इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन वो कभी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाईं।
हालांकि, इन मुसीबतों के बावजूद सौम्या ने खुद को कमजोर समझने के बजाय, मानसिक रूप से और ज्यादा मजबूत बनने का फैसला किया और वो कर दिखाया जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था।
मकसद था देश की सेवा करना
सौम्या शर्मा दिल्ली की रहने वाली हैं और शुरू से ही पढ़ाई में काफी अच्छी रही हैं। स्कूल खत्म करने के बाद उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल में एडमिशन लेकर पांच साल इंटीग्रेटेड लॉ का कोर्स किया। यहीं से उनके मन में यह सोच पनपी कि वह प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं।
बिना कोचिंग UPSC की तैयारी
जहां ज्यादातर उम्मीदवार UPSC की तैयारी में सालों लगा देते हैं, वहीं सौम्या शर्मा ने सिर्फ चार महीने की सेल्फ स्टडी के दम पर सिविल सर्विस का प्रिलिम्स पास कर लिया। उन्होंने किसी कोचिंग इंस्टीट्यूशन का सहारा नहीं लिया और पूरी तरह खुद की प्लानिंग पर भरोसा किया। यहां तक कि मेन एग्जाम के दौरान उनकी तबीयत इतनी खराब थी कि उन्हें बार-बार अस्पताल जाना पड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने परीक्षा नहीं छोड़ी।
पहली कोशिश में हासिल की ऑल इंडिया रैंक 9
साल 2017 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सौम्या शर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर सबको चौंका दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने दिव्यांग कोटे का भी फायदा नहीं लिया और जनरल कैटेगरी से यह मुकाम हासिल किया। उनकी यह सफलता साबित करती है कि असली जीत आत्मविश्वास और लगातार मेहनत से मिलती है।
'सेल्फ स्टडी है सबसे बड़ी कुंजी'
IAS सौम्या शर्मा के मुताबिक, अगर किसी स्टूडेंट को खुद पर भरोसा है, तो कोचिंग जरूरी नहीं होती। सही गाइडेंस, अनुशासन और रेगुलर पढ़ाई से लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। वह यह भी मानती हैं कि कोचिंग लेने के बावजूद, सेल्फ स्टडी की कोई जगह नहीं ले सकता।
आज कहां हैं IAS सौम्या शर्मा?
IAS सौम्या शर्मा 2018 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह नागपुर जिला परिषद की CEO के रूप में भी काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर भी वह काफी सक्रिय हैं और हजारों युवाओं को अपनी यात्रा से प्रेरित करती हैं।
IAS सौम्या शर्मा की पर्सनल लाइफ
IAS सौम्या शर्मा ने IPS अधिकारी अर्चित चांडक से शादी की है, जो IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग कर चुके हैं। दोनों ही महाराष्ट्र कैडर में कार्यरत हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जोड़ी को लोग काफी पसंद करते हैं।
यह कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खुद पर शक करते हैं। सौम्या शर्मा यह साबित करती हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी चुनौती रास्ता नहीं रोक सकती।


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