कौन हैं IAS पूजा खेडकर? नौकरी के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने के आरोप, पर्सनल गाड़ी में थी नीली बत्ती!

IAS Pooja Khedkar Controversy- देश में कई विवाद हुए हैं लेकिन यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईएएस बनने के बाद ट्रेनिंग के दौरान अगर एक आईएएस ऑफिसर को लेकर बवाल हो जाए तो आप क्या कहेंगे?
दरअसल हम बात कर रहे हैं मशहूर ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के बारे में जिनको लेकर आरोप है कि वो धोखाधड़ी करके ऑफिसर बनी हैं और उन्होने कई दस्तावेज फर्जी जमा किए हैं।
ये विवाद तब सामने आया था जब पूजा ने अपनी पर्सनल कार में नीली बत्ती लगा डाली थी। अब मामला कोर्ट में है और उनको अग्रिम जमानत मिल गई है। कौन हैं पूजा और क्या था उनको लेकर पूरी विवाद? जानिए इस आर्टिकल में...
ओबीसी होने का दावा
बता दें कि पूजा खेडकर ने खुद को ओबीसी होने का दावा किया था और ओबीसी सर्टिफिकेट जमा किया था। हालांकि पिता की आय के अनुसार सलाना आय अगर 8 लाख तक है तो ही आप ओबीबी कैटेगरी में आते हैं। लेकिन उनके पिता चुनाव लड़ चुके हैं और एफीडेविट में करीब 40 लाख रुपए सालाना आय उन्होने दिखाई थी।
इसके अलावा एक रिपोर्ट में है कि उनकी कुल संपत्ति 40 करोड़ है। ऐसे में वो ओबीसी नहीं हुई हैं और इसके तहत उनपर कार्यवाही की गई थी। बता दें कि वो पुणे में आईएएस ऑफिसर के तौर पर ट्रेनिंग कर रही थीं लेकिन मामला विवाद में आ गया था। इसके अलावा उनपर विकलांगता के भी दस्तावेजों में गलती होने का आरोप है।
पूजा खेडकर चर्चा में हैं और उनकी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। किसी तस्वीर में वो समुंदर किनारे नजर आ रही हैं तो किसी में वो ट्रेडिशनल लुक में दिख रही हैं। लेकिन इतना तो तय है कि इस विवाद के कारण लोग उनके सारे सपनों पर पानी फिर चुका है।
जमानत देते हुए कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने उनको 3 महीने पहले ही इस मामले में अग्रिम जमानत दे दी थी और कहा था, ''पूजा ने इतना बड़ा अपराध नहीं किया था कि उनको जमानत पहले नहीं मिली। वो ना तो ड्रग माफिया हैं और ना ही आतंकवादी है। उनपर 302 यानि हत्या का केस भी नहीं है। उनके साथ जो हुआ है इसके बाद उनको कोई नौकरी नहीं मिलेगी और उनकी जिंदगी तो बर्बाद हो गई।'' सुप्रीम कोर्ट ने ये बात कही है। बता दें कि इसके पहले हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।


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