23 साल की उम्र में गांव की बेटी बनी IAS, फिर हरियाणा के पूर्व CM के घर की बनी शाही बहू, खूबसरत इतनी कि...
IAS Pari Bishnoi Success Story: राजस्थान के बीकानेर जिले के काकड़ा गांव की बेटी Pari Bishnoi बचपन से ही कुछ बड़ा करने का सपना देखती थीं। 26 फरवरी 1996 को जन्मी परी ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं जहां पढ़ाई और अनुशासन को बहुत महत्व दिया जाता था। उनके पिता पेशे से वकील हैं और मां रेलवे पुलिस में अधिकारी रह चुकी हैं। उनके दादा कई बार गांव के सरपंच रहे। ऐसे माहौल में पली परी के लिए कुछ अलग करना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि बचपन से बोया गया बीज था।

उन्होंने अजमेर के St. Mary's Convent School से पढ़ाई की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के Indraprastha College for Women से ग्रेजुएशन किया। आगे चलकर पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल की। पढ़ाई में गहरी रुचि और साफ लक्ष्य ने उन्हें जल्दी ही UPSC की राह पर ला खड़ा किया।
UPSC में खाई दो बार ठोकर, तीसरी बार ताज
UPSC की तैयारी कोई सीधी सड़क नहीं, बल्कि ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ता है। परी ने पहली बार परीक्षा दी तो नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं आया। दूसरी बार भी सफलता हाथ नहीं लगी। यह वो समय था जब मन में सवाल उठते हैं- 'क्या मैं कर पाऊंगी?'
लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को और मजबूत बनाया। सोशल मीडिया से दूरी बनाई, फोन का इस्तेमाल कम किया और पढ़ाई को ही अपना मिशन बना लिया। उन्होंने खुद को एक तरह से 'फोकस मोड' में डाल दिया।
तीसरी कोशिश में उन्होंने UPSC CSE 2019 में ऑल इंडिया रैंक 30 हासिल की। 23 साल की उम्र में इतनी बड़ी सफलता पाना यह सिर्फ पढ़ाई का नहीं, धैर्य और आत्मविश्वास का भी रिजल्ट था।
जब असली मुकाबला खुद से था
तैयारी के दौरान स्ट्रेस और लगातार पढ़ाई के लिए बैठे रहने का असर उनकी सेहत पर भी पड़ा। उनका वजन बढ़ गया और सेल्फ कॉन्फिडेंट भी थोड़ा डगमगाने लगा। लेकिन उन्होंने इसे कमजोरी नहीं बनने दिया।
इंटरव्यू कॉल आने के बाद उन्होंने तय किया कि अब खुद को हर तरह से बेहतर बनाना है। उन्होंने डाइट ली, एक्सरसाइज शुरू किया और धीरे-धीरे खुद को फिट और कॉन्फिडेंट बनाया।
IAS बनने के बाद की नई जिम्मेदारी
UPSC में सफलता के बाद परी 2019 बैच की IAS अधिकारी बनीं और उन्हें सिक्किम कैडर मिला। कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में भी उतनी ही ऊर्जा दिखाई जितनी तैयारी के समय दिखाई थी। आज वह अपने काम के साथ-साथ युवाओं को प्रेरित करने का भी काम कर रही हैं।
परी की प्रेम कहानी
अब बात करते हैं उस हिस्से की जो इस कहानी में थोड़ा सा फिल्मी तड़का लगा देता है। परी की मुलाकात हरियाणा के युवा नेता Bhavya Bishnoi से हुई। दोस्ती धीरे-धीरे समझ और विश्वास में बदली, और फिर यह रिश्ता शादी तक पहुंचा।
24 दिसंबर 2023 को दोनों ने शादी की। भव्य, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Bhajan Lal के पौत्र यानी पोते हैं। शादी सादगी और शाही अंदाज का खूबसूरत कॉम्बिनेशन थी। फरवरी 2025 में उनकी बेटी वेदा का जन्म हुआ, और जिंदगी ने एक नया, प्यारा चैप्टर जोड़ दिया। करियर और परिवार दोनों में बैलेंस बनाना भी एक कला है, और परी इसे बखूबी निभा रही हैं।
क्यों खास है यह कहानी?
परी बिश्नोई की कहानी सिर्फ एक रैंक की कहानी नहीं है। यह उन सभी लोगों के लिए मैसेज है जो असफलता से डरते हैं। उन्होंने दिखाया कि दो बार गिरने के बाद भी तीसरी बार जीता जा सकता है। मानसिक और शारीरिक चुनौतियां भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। करियर और पर्सनल लाइफ दोनों को बैलेंस किया जा सकता है।


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