गर्लफ्रेंड के लिए छोड़ी 1 करोड़ की नौकरी, UPSC AIR 1 लाते ही दीवाने IAS ऑफिसर ने रचाई शादी
IAS Kanishak Kataria: ड्रीम जॉब लगना बड़ी बात होती है उससे भी बड़ी बात होती हैं गर्लफ्रेंड के लिए करोड़ों की ड्रीम जॉब छोड़कर UPSC क्रैक करने के रिस्क लेना। आज हम आपको देश के एक ऐसे ही होनहार IAS ऑफिसर से मिलाने जा रहे हैं जिन्होंने रैंक 1 के साथ साथ अपनी कहानी के से भी सभी को चौंका दिया था। हम बात कर रहे हैं 2018 UPSC टॉपर कनिष्क कटारिया की।

बैंगलोर में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी
कनिष्क कटारिया यूपीएससी 2018 पास करने से पहले बैंगलोर में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी करते थे। उनकी जिंदगी ठीक चल रही थी, लेकिन अंदर से सिविल सेवा में जाने की इच्छा बनी हुई थी। आखिरकार उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन इस पूरे सफर में उनकी गर्लफ्रेंड ने हर कदम पर उनका साथ दिया।
आईआईटी बॉम्बे से किया ग्रेजुएशन
कनिष्क राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार में सिविल सेवा की मजबूत पृष्ठभूमि रही है। उनके पिता और चाचा दोनों सिविल सर्विस में रह चुके हैं। कनिष्क ने अपनी स्कूल की पढ़ाई कोटा के सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने 2010 में IIT-JEE पास किया और पढ़ाई के लिए आईआईटी बॉम्बे गए। साल 2014 में उन्होंने इंजीनियरिंग पूरी कर ली।
1 करोड़ रुपये सालाना पैकेज
आईआईटी बॉम्बे से निकलते ही कनिष्क को विदेश में बहुत बड़ी नौकरी का ऑफर मिला, जिसमें करीब 1 करोड़ रुपये सालाना पैकेज था। उन्होंने कुछ समय तक वहां काम भी किया, लेकिन मन नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए। यहां आकर उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में परीक्षा टॉप कर ली। उन्हें AIR-1 मिला और वे आईएएस बने।
गर्लफ्रेंड सोनल का बड़ा हाथ
आईएएस बनने के बाद कनिष्क ने बताया कि उनकी इस सफलता के पीछे उनकी गर्लफ्रेंड सोनल का बड़ा हाथ है। तैयारी के दौरान सोनल ने उन्हें पूरा सपोर्ट दिया और कभी हिम्मत नहीं टूटने दी।
सोनल कनिष्क की शादी
कनिष्क और सोनल की मुलाकात आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने एक ही कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में जापान में नौकरी करने लगे। बाद में कनिष्क भारत लौट आए और यूपीएससी क्लियर किया। मसूरी में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद सोनल ने भी जापान की नौकरी छोड़ दी और अब भारत में अपनी खुद की कंपनी चला रही हैं।
कनिष्क और सोनल की कहानी आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है। मेहनत, भरोसा और एक-दूसरे का साथ कैसे किसी को उसकी मंज़िल तक पहुंचा सकता है, यह कहानी उसी का उदाहरण है।


Click it and Unblock the Notifications