हर रोज Nita Ambani की क्लास लिया करते थे ससुर धीरुभाई अंबानी, पूछते थे ऐसे-ऐसे सवाल कि आज...

Nita Ambani Dhirubhai Ambani Newऔs: शादी के बाद अक्सर औरतें से यह उम्मीद की जाती है कि बहू न सिर्फ नए परिवार को अपनाए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक भी बने। ऐसा ही उदाहरण है नीता अंबानी का, जिन्हें उनके ससुर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने खुद अपनी बहू के रूप में चुना और धीरे-धीरे उन्हें परिवार और बिजनेस की बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया।
धीरूभाई अंबानी की सीख
नीता अंबानी ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि धीरूभाई अंबानी उन्हें हर दिन आधे घंटे तक शेयर मार्केट, पॉलिटिक्स, वर्ल्ड अफेयर्स और रिलायंस से जुड़े कठिन सवाल पूछते थे। भले ही नीता उस समय सही जवाब देने में हिचकिचा जाती थीं, लेकिन धीरूभाई ने उनकी मेहनत और सीखने की क्षमता को हमेशा सराहा। यही रेगुलर ट्रेनिंग आगे चलकर उनके कॉन्फिडेंस और सोच को मजबूत बनाने में मददगार साबित हुई।
एक मिडिल क्लास फैमिली से अंबानी खानदान तक
नीता अंबानी का जन्म एक सामान्य मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। शादी से पहले वह एक स्कूल टीचर थीं और मात्र 700 रुपये मासिक वेतन पाती थीं। लेकिन अंबानी बहू बनने के बाद भी उन्होंने अपनी सादगी और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ा। आज वह देश की सबसे चर्चित बिजनेस वुमन में गिनी जाती हैं।
नीता अंबानी और क्लासिकल डांस का जुनून
बहुत कम लोग जानते हैं कि नीता अंबानी बचपन से ही भारतीय शास्त्रीय नृत्य (भरतनाट्यम) की ट्रेनिंग ले रही हैं। धीरूभाई अंबानी ने उन्हें पहली बार एक डांस परफॉर्मेंस के दौरान देखा था और उसी समय उन्हें बहू बनाने का फैसला किया। भले ही आज नीता रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं और एक सफल बिजनेसवुमन भी, लेकिन उनका डांस के प्रति जुनून आज भी वैसा ही है। नीता अंबानी के अनुसार, उनके लिए डांस मेडिटेशन जैसा है, जिसने उन्हें आत्मविश्वास और नई दिशा दी।
परिवार को जोड़कर रखने की सीख
धीरूभाई अंबानी समझते थे कि किसी भी परिवार की असली शक्ति एकजुटता और आपसी तालमेल में है। उन्होंने यही सीख नीता को दी, जिसे उन्होंने दिल से अपनाया। आज भी नीता अंबानी अपने पूरे परिवार को एक सूत्र में बांधे हुए हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
नारी शक्ति और प्रेरणा
नीता अंबानी सिर्फ बिजनेस जगत की पहचान नहीं हैं, बल्कि वह नई पीढ़ी की महिलाओं के लिए प्रेरणा भी हैं। एक तरफ वह रिलायंस फाउंडेशन के जरिए समाज सेवा कर रही हैं, तो दूसरी तरफ भारतीय कला और संस्कृति को वैश्विक मंच पर ले जाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।


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