106 खिड़की-दरवाजे.. किसान ने 13000 गज में बनाया आलीशान व्हाइट हाउस, पटौदी पैलेस को लिया कॉपी
Farmer Luxury House: यूपी के मेरठ जिले के रोहता थाना क्षेत्र के सलाहपुर गांव में एक ऐसा मकान बनाया गया है जिसको देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। जो दूर से देखने पर व्हाइट हाउस जैसा लगता है। इसे करीबन ढ़ाई एकड़ जमीन में बनाया गया है और इसको बनाने में 9 साल लग गए। सबसे खास बात है कि इसमें सिर्फ चार बीघे में तो पार्किंग एरिया बनाया गया है। इस घर में 16 कमरे में एक लगाया हुआ है और यह कोठी मुकर्रम अली उर्फ नन्हे प्रधान के मकान के नाम से भी काफी मशहूर है।

4 भाइयों का परिवार रहता है साथ
इस घर की सबसे ज्यादा खास बात यह है कि नन्हे प्रधान के सभी भाइयों का पूरा परिवार एक साथ में इसी घर में रहता है। नन्हे प्रधान ने इस पर बात करते हुए बताया था कि हम पांच भाई हैं। पांच भाइयों के 16 लड़के और पांच लड़कियां हैं। कुल मिलाकर 21 बच्चे हैं। पांच भाइयों ने मेहनत और ईमानदारी से कमाया और फिर जब मन में आया कि हम पांचो भाई एक ही बाउंड्री में रहे तो 1 फरवरी 2009 को घर बनाने की शुरुआत की। चार भाइयों का परिवार यही पर रहता है और एक भाई गांव वाले घर में रहता है।
नन्हे प्रधान ने यह भी बताया कि मकान के एंट्रेंस गेट के आसपास लीची से लेकर आम और चीड़ के पेड़ भी लगाए हुए हैं। मकान का डिजाइन मेरठ से बनवाया गया था। घर की छत पर सोलर पैनल भी लगाया हुआ है और पूरे मकान में 106 खिड़कियां और दरवाजे भी हैं।
बिज़नेस करने से पहले किसान थे नन्हे प्रधान
नन्हे प्रधान ने अपने बिजनेस को लेकर बात करते हुए बताया कि वह एक किसान है। 1990 से ईंट और भट्टों का कारोबार भी कर रहे हैं। इसके बाद प्रॉपर्टी का कारोबार भी शुरू किया और फिर पेट्रोल पंप भी लगवाया। धागे के एक्सपोर्ट का बिजनेस भी किया और अब हम खेती ठेके पर देते हैं। हम सिर्फ कारोबार ही करते हैं।
2 साल तक बिज़नेस में हुआ नुकसान
नन्हे प्रधान ने बताया था कि उनका यह सफर इतना आसान भी नहीं रहा है। जब 1990 में खेती छोड़कर उन्होंने बिजनेस करना शुरू किया था तो 2 साल तक ईंट और भट्टे के कारोबार में उन्हें नुकसान हो गया था। ट्रैक्टर से लेकर गहने जवारत सब बिक गए थे। बस जमीन ही नहीं बिकी थी और फिर भी हमने हिम्मत नहीं हारी। सभी भाइयों ने मिलकर बिजनेस किया और खूब पैसे कमाए।
घर के बाहर 500 गज की जमीन परिवार ने छोड़ रखी है। जो घर के दूसरे हिस्से में छोड़ी हुई है। अगर कल को रोड चौड़ा हो जाता है तो घर की दीवार न तोड़नी पड़े। नन्हे प्रधान के बड़े बेटे सलमान चौहान में बताया कि घर में छोटा जनरेटर लगाया हुआ है और 15 किलो वॉट का इनवर्टर भी लगाया हुआ है। 10 किलोवाट का सोलर पैनल लगा रखा है।
17 कुंटल के हैं एंट्रेंस गेट
इस घर में टेनिस कोर्ट से लेकर क्रिकेट ग्राउंड भी बनवाया हुआ है। इस परिवार के लोग खूब कमाते रहे और घर बनाने में खूब पैसे भी लगाए हैं। कल इसमें तीन फ्लोर है और घर के एंट्रेंस गेट 17 कुंटल के वजन के हैं। घर के आसपास के खेत भी नन्हे प्रधान की ही बताए जाते हैं।
कौन हैं नन्हे प्रधान?
अगर हम नन्हे प्रधान की बात करें तो वह एक समाजसेवी है और उनके तीन बेटे हैं। परिवार के मुताबिक मकान के बाग बगीचे की ज्यादातर चीजें वह गांव के लोगों में ही बांट देते हैं। घर के लगे हुए गुलाब के फूल 15 अगस्त और 26 जनवरी या फिर किसी विशेष उत्सव पर आसपास के स्कूल में दिए जाते हैं। परिवार ने घर में सबसे ऊपर तिरंगा का झंडा भी लगा रखा है।


Click it and Unblock the Notifications







